ट्रम्प ने जनवरी 2025 में सत्ता में लौटते ही इंटरनैशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पॉवर्स एक्ट (IEEPA) का हवाला देकर दुनिया के बड़े अमेरिकी बिजनेस पार्टनर्स पर टैरिफ लगाया।
टैरिफ लगाने का उद्देश्य था:
- अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करना
- घरेलू उद्योगों को सुरक्षा देना
- विदेशी देशों पर दबाव बनाना, खासकर चीन, मैक्सिको, कनाडा और यूरोपीय देशों पर
हालांकि आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प ने कांग्रेस की स्पष्ट अनुमति के बिना ये टैरिफ लगाए, जिससे उनकी वैधता पर सवाल उठने लगे।


