इंडिया गठबंधन केंद्र की मोदी सरकार पर बड़े हमले को है तैयार, राष्ट्रपति से की जाएगी मुलाकात
नई दिल्ली। विपक्षी दलों (INDIA गठबंधन) की 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में एक महत्वपूर्ण मैराथन बैठक हुई, जिसमें मुख्य रूप से चुनाव आयोग, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे/महाभियोग की मांग को लेकर रणनीति बनाई गई। गठबंधन के नेताओं ने इस बैठक में “वोट चोरी” और “लोकतंत्र की हत्या” के आरोपों के खिलाफ केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को घेरने के लिए 6-सूत्रीय कार्ययोजना (6-point action plan) पर सहमति जताई है।
बड़ा हमला बोलेगा इंडिया गठबंधन
बैठक में राहुल गांधी SIR को लेकर पीएम मोदी और मुख्य चुनाव आयुक्त पर हमलावर रहे। तय किया गया कि आने वाले दिनों में भाजपा और मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला जाए। इसके लिए 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर के सभी जिलों में डीएम (DM) कार्यालयों के सामने ‘लोकतंत्र बचाओ’ (Save Democracy) मार्च निकाला जाएगा। 6 अक्टूबर को विपक्ष के सभी सांसद एकजुट होकर चुनाव आयोग (EC) मुख्यालय की तरफ विरोध मार्च निकालेंगे। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में विपक्षी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात का समय मांगेगा, ताकि संवैधानिक संस्थाओं पर कथित कब्जे के मुद्दे से उन्हें अवगत कराया जा सके। आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में पांच मेगा रैलियां आयोजित की जाएंगी। 1 नवंबर 2026 को दिल्ली में एक विशाल संयुक्त रैली का आयोजन किया जाएगा।
ये रहे मौजूद ये रहे गायब
इस बैठक में कांग्रेस की तरफ से सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, और प्रियंका गांधी के अलावा टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव, शरद पवार गुट से सुप्रिया सुले, और जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जैसे दिग्गज नेता खुद शामिल हुए थे, लेकिन मुख्य घटक दल समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव की गैरमोजूदगी ने औचित्य पर सवाल खड़े कर दिए। दरअसल उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के साथ सीट शेयरिंग को लेकर चल रही कथित तनातनी के बीच अखिलेश यादव खुद दिल्ली की इस बैठक में नहीं पहुंचे। हालांकि, उन्होंने अपनी जगह पार्टी के दो सांसदों (जैसे हरेंद्र मलिक) को बैठक में प्रतिनिधित्व के लिए भेजा था। डीएमके (DMK) के नेता भी इस बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए। AAP के सांसद संजय सिंह ने स्पष्ट तौर पर बयान दिया कि उनकी पार्टी इस बैठक का हिस्सा नहीं है और उन्होंने बैठक से पूरी तरह किनारा कर लिया।


