बोले जनता को राहत की दरकार है, लेकिन बजाए राहत देने के कैंट बोर्ड ने इतनी ज्यादा बढ़ोत्तरी कर दी है, इसका वह पुरजोर विरोध करेंगे
मेरठ। भाजपा के पंजाबी नेता और कैंट बोर्ड के पूर्व उपाध्यक्ष सुनील वाधवा ने डोर टू डोर कूडा कलेक्शन की दर बढ़ाए जाने के कैंट बोर्ड के फैसले का पुरजोर तरीके से विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि वह कैंट की जनता पर इस प्रकार का बोझ नहीं पड़ने देगे। सीईओ कैंट से बात की जाएगी। लोगों की परेशानियां उन्हें बतायी जाएंगी। उन्होंने कहा कि सीईओ कैंट बढ़ायी गयी दरें तत्काल वापस लें अन्यथा वह स्वयं विरोध के लिए सड़कों पर उतरेंगे। कैंट की जनता पर यह अतिरिक्त भार उन्हें मंजूर नहीं है। दरअसल कैंट बोर्ड ने डोर टू डोर कूड़ा उठाने के शुल्क में भारी बढ़ोतरी की है, इससे आम जन व व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। बढ़े हुए बिल मिलने के बाद उनमें नाराजगी है।सुनील वाधवा ने सीईओ जाकिर हुसैन से शुल्क में बदलाव की मांग की है।
बेहताश वृद्धि
50 वर्ग मीटर तक के मकान का सालाना शुल्क 240 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, 50 से 200 वर्ग मीटर तक के मकान का शुल्क 240 रुपये से बढ़ाकर 1200 रुपये और 200 वर्ग मीटर से अधिक के मकान का शुल्क 240 रुपये से बढ़ाकर 2400 रुपये सालाना किया गया है। व्यापारियों और स्थानीय लोगों पर यह अतिरिक्त बोझ स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसका कड़ा विरोध होगा। उन्होंने सीईओ से बोर्ड बैठक में शुल्क संशोधन का प्रस्ताव लाने का अनुरोध किया है। संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री अंकित गुप्ता सदर ने कहा कि क्षेत्र के लोगों पर बेवजह बोझ डाला गया है। जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों की बात भी नहीं सुनी गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष विनेश जैन ने कहा कि कैंट बोर्ड ने नियम के खिलाफ काम किया है, जिससे संगठन कड़ा फैसला लेने को मजबूर है।
अब ये की जाएगी वसूली
- 50 वर्ग मीटर तक के आवास: 50 रुपए
- 50 से 200 वर्ग मीटर तक के आवास: 100 रुपए
- 200 वर्ग मीटर से अधिक के आवास: 200 रुपए
- दुकान: 500 रुपए
- धर्मशाला: 2000 रुपए
- कार्यालय, स्कूल: 2000 रुपए
- होटल: 5000 रुपए


