इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे के बाद विपक्ष हमलावर, सरकार पर भारी दवाब, कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष मांग रहा ज्ञानेश का इस्तीफा
नई दिल्ली। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) जैसे संगठनों ने मुख्य चुनाव आयुक्त को अड़तालिस घंटे का अल्टीमेटम देते हुए देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है। इसके बाद मोदी सरकार भारी दवाब में आ गयी है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सीधे ज्ञानेश कुमार का इस्तीाफा मांग लिया और आरोप लगााय है कि यह सब पीएमओ की जानकारी में हो रहा था। टीएमसी (TMC) के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने (महाभियोग जैसी प्रक्रिया) के लिए नोटिस भी पेश किए हैं।लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीईसी ज्ञानेश कुमार के तुरंत इस्तीफे की मांग की है। इसके साथ ही एम.के. स्टालिन और संजय सिंह जैसे अन्य विपक्षी नेताओं ने भी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई है। रिपोर्ट के अनुसार, न्यायिक अधिकारियों ने जिन नागरिकों के नाम वोटर लिस्ट में शामिल करने (Inclusion) के आदेश दिए थे, उनके खिलाफ ही चुनाव आयोग ने ट्रिब्यूनल में अपील दायर कर दी। आपत्ति जताने वाले चुनाव आयुक्त संधू ने खुद नोटिंग में पूछा कि “आयोग की तरफ से ये अपीलें दर्ज करने के लिए किसने अधिकृत किया?” कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए ‘अपीलीय तंत्र’ (Appellate Mechanism) को ही कमजोर करने जैसा है।
स्टेटस
अप्रैल के महीने में ही विपक्ष द्वारा लाए गए ऐसे ही महाभियोग प्रस्तावों को लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति द्वारा खारिज कर दिया गया था। चुनाव आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया है कि उनके सभी फैसले तय नियमों और कानूनों के तहत ही लिए गए हैं, और आंतरिक नोटिंग्स केवल निर्णय लेने की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा थीं। राजनीतिक हलकों में इस खुलासे को लेकर गंभीर सवाल जरूर उठ रहे हैं, लेकिन जब तक ज्ञानेश कुमार खुद व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा नहीं देते या सरकार की ओर से कोई असाधारण कदम नहीं उठाया जाता, तब तक उनके इस्तीफे की संभावना नहीं के बराबर है।


