नगर निगम के जितने कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी जाती है उतने कभी पहुंचते ही नहीं, सारा काम सेटिंग गेटिंग का चल रहा है
मेरठ। महानगर का जटौली इलाका तो केवल वानगी भर है। नगर निगम क्षेत्र के तमाम वार्डों का यही हाल है। कूडे कचरे से अटी हुई नाले नालियां और कर्मचारी गायब, लेकिन हाजरी रजिस्टर में मौजूद। नाम ना छापे जाने की शर्त पर तमाम पार्षदों ने बताया कि सफाई के हालात बद से बदत्त बरे हुए हैं। अब तो दशा ये हो गयी है कि नरक में रहने को ही महानगर की जनता ने अपना नसीब मान लिया है और शायद यही वजह है जो नगर निगम से जुड़ी समस्याओं को लेकर खासतौर से गंदगी की समस्याओं को लेकर महानगर की जनता अब नगर निगम शिकवा शिकायत करने के लिए नहीं आती। पार्षदों का दावा है कि यदि मंडलायुक्त किसी दूसरे विभाग के अधिकारियों को बड़ी संख्या में नगर निगम के वार्डों में डयूटी करने वाले कर्मचरियों का निरीक्षण और हाजरी रजिस्टर की जांच करा लें तो बड़ा फजीवाड़ा पकड़ में आ सकता है। ऐसा फर्जीवाड़ा जो पूरे उत्तर प्रदेश में एक नजीर बन जाएगा यदि उस पर कार्रवाई करा दी गयी।
केवल हाउस टैक्स के मसले
नगर निगम आने वालों में अब गंदगी या टूटी फूटी सड़क और नालियों की समस्याओं को लेकर आने वालों का भारी टोटा है। शुक्रवार को नगर निगम में इस संवाददाता को करीब पचास लोग ऐसे मिले जो अपने किसी ना किसी से काम से आए हुए थे। इनमें से एक भी शख्स ऐसा नहीं मिला जो गंदगी, टूटी नालियां, खराब खडंजा और गंदगी की शिकायत लेकर आया हो ना ही इनमें कोई स्ट्रीट लाइट की समस्या लेकर आया था, ये सभी अपने हाउस टैक्स को बिलों को कम कराने के लिए भटक रहे थे। दरअसल आज मुख्य कर निर्धारण अधिकारी मौजूद नहीं थे। बताया गया कि वह बीमार हैं।
यह हुआ था।
छह अप्रैल को सुबह 9:37 बजे हुए निरीक्षण में जटौली क्षेत्र की नालियां कूड़े और सिल्ट से भरी मिलीं। कई गलियों में कूड़े के ढेर लगे थे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। वार्ड-40 में तैनात 21 सफाई कर्मचारियों में से 10 कर्मचारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इनमें से पांच कर्मचारियों की उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज की गई थी। पूर्व में भी सुपरवाइजर मनोज कुमार को क्षेत्र में गंदगी को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ। नगर स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त ने सुपरवाइजर मनोज कुमार को निलंबित कर दिया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।


