व्यापारियों पर आफत और अफसरों पर राहत क्यों..

Shekhar Sharma
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नवीन गुप्ता हाउस अरेस्ट, अजय गुप्ता ने पूछा कब अरेस्ट होंगे आवास विकास अफसर

व्यापार संघ अध्यक्ष हल्ला बोल का एलान, आवास विकास के नामजदों पर कार्रवाई ना होने से व्यापारी भी नाराज

मेरठ/ हल्ला बोल का एलान करने वाले संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट कर लिया गया तो संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता समेत संगठन के तमाम नेताओं आवास विकास के जिन अधिकारियों के खिलाफ खुद आवास विकास परिषद ने एफआईआर करायी है उनकी अरेस्टिंग ना होने का मुद्दा उठा दिया। दरअसल सेंट्रल मार्केट और सेक्टर दो के जिन व्यापारियों पर आफत आयी हुई है उनका भी कहना है कि व्यापारियों पर कार्रवाई कराने वाले आवास विकास के अफसर अपने उन अफसरों पर कार्रवाई कब कराएंगे जिनके खिलाफ रिपोर्ट खुद उन्होंने ही करायी है। ऐसे करीब चार दर्जन अफसर हैं जिन पर मुकदमा दर्ज है। आवास विकास के अफसरों ने मुदकमा तो कराया लेकिन कार्रवाई में पैरवी भूले बैठे हैं। अजय गुप्ता ने यह मामला सहायक आवास आयुक्त से मुलाकात के दौरान भी पुरजोर तरीके से उठाया था और पूछ भी लिया कि आरोपी बनाए गए आरोपी अफसरों के मकानों पर जेसीबी कब चलवाएंगे। इस मुलाकात के दौरान सहायक आवास आयुक्त असहज नजर आए।

तो फिर अफसरों को मलाई की इजाजत क्यों

इसी मामले को लेकर आज अजय गुप्ता, संगठन के कोषाध्यक्ष पवन मित्तल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कमल ठाकुर, उपाध्यक्ष नीरज त्यागी, संगठन मंत्री राजीव गुप्ता काले मंत्री अंकित गुप्ता मनु सदर ,अंकुर गोयल खंदक, सत्येंद्र अग्रवाल ,प्रदीप शर्मा, पवन गर्ग ,रजनीश कौशल एसएसपी से पूछने जा पहुंचे कि आखिर व्यापारियों पर आफत और अफसरों पर राहत क्यों। नाराजगी भरे लहजे में अजय गुप्ता ने कहा दोषी अधिकारियों की सूची पिछले अक्टूबर माह से आपके पास है जिसमें 90 दिनों में फाइनल रिपोर्ट लगनी होती है, परंतु अधिकारी गणों को लाभ पहुंचाने की दृष्टि से पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान खड़ा होता है जहां एक तरफ व्यापारी उजड़ रहा है वहीं दूसरी और अधिकारी रिश्वत की मलाई चाट रहे हैं । संरक्षक अरुण वशिष्ठ ने कहा जिस प्रकार से पुलिस द्वारा आवास विकास के अधिकारियों के साथ मिलकर व्यापारी का प्रतिष्ठान तुड़वाया जा रहा है क्या इस प्रकार पुलिस को संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं करनी चाहिए थी हमें बहुत कष्ट हो रहा है उत्तर प्रदेश की माननीय योगी आदित्यनाथ जी की सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है परंतु पुलिस इस नीति पर पलीता लगाने का काम कर रही है यह एक निंदनीय कार्य है। जिन अफसरों पर एफआईआर है उन्हें जेल भेजने में क्यों हाथ कांप रहे हैं। अजय गुप्ता ने बताया कि एसएसपी ने इस ेमामले को दिखवाने की बात कही है।

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