कैंट बोर्ड ने निकाला है तहबाजारी के ठेके का टैंडर, अनुभव की क्लाज को लेकर बोर्ड के पूर्व ठेकेदार अनिल का सीईओ को पत्र
मेरठ। कैंट बोर्ड के तहबाजारी के ठेके के टैंडर को लेकर बोर्ड के पूर्व ठेकेदार अनिल गर्ग निवासी अरविंदपुरी ने सीईओ को प्रेषित पत्र में कई गंभीर मुद्दे उठाए हैं। अनिल गर्ग के पत्र में कहा गया है कि 3 जून को कैंट बोर्ड प्रशासन ने तहबाजारी का टैंडर निकाला है जिसमे अनुभव होना जरूरी लिखा गया है। 03 वर्ष पूर्व भी कैंट बोर्ड ने इसी आश्य का टैंडर निकाला था उसमे अनुभव डाला था।
66 लाख के राजस्व की हानि
अनिल गर्ग ने अपने पत्र में सीईओ को यह भी अवगत कराया है कि उस टैंडर से कैंट बोर्ड को तीन साल में 66 लाख रूपये के करीब नुकसान हुआ। पूर्व में तहबाजारी का ठेका पवन कुमार ने 862000/- रूपये का टेंडर डाला था कॉपी संलग्न है। कैंट बोर्ड के रेवेन्यू विभाग को गुमराह करके एक महीने पश्चात 64,50,000/-रूपये का ठेका अपने नाम छुड़ा लिया जिसकी कॉपी संलग्न है। जिससे छावनी परिषद को तीन साल में 66,0000/- रूपये का नुकसान हुआ। अनिल गर्ग ने सीईओ से आग्रह किया है कि टैंडर की शर्त से अनुभव की शर्त हटा दी जाए। तहबाजारी के इस ठेके को वह खुद लेने को तैयार हैं। इस टैंडर को 3 साल के लिए 75 लाख रूपये के हिसाब से प्रतिवर्ष लेने के लिए उन्होंने सहमति जतायी है। उन्होंने दोहराया है कि नए टैंडर में अनुभव की शर्त हटायी जाये। यह भी अवगत कराया कि वह और में पच्चीस सालों से गांधी बाग कैँट बोर्ड की कैंटीन संचालित कर रहे थे जिसका टैंडर 31 मार्च 2026 को समाप्त हो गया है।


