
स्ट्रेट हाेर्मूज से बारूदी सुरंग हटाने के काम में किसी तीसरे पक्ष या देश की एंट्री को दो टूक ना, यूएस के साथ दोहा में बैठक से भी इंकार
नई दिल्ली। इजरयल व अमेरिका से लड़ाई में भारी नुकसान उठाने वाले ईरान के तेवरों में कोई कमी नहीं है। उसके तेवर आज भी ईरान के धार्मिक नेता खामनेई के कार्यकाल सरीखे बने हुए हैं। दरअसल हुआ यूं कि अमेरिका के साथ युद्ध विराम ओर दोनों देशों के बीच शांति समझौता होने के बाद अमेरिका के कुछ मित्र देशों ने स्ट्रेट होर्मूज में बिछायी गयी बारूदी सुरंगों को हटाने के काम में मदद या दखलंदाजी की पेशकश की थी जिसको ईरान ने एक सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान ने साफ कहा है कि किसी तीसरे देश की इस काम में उसको कोई जरूरत नहीं है। ना ही जरूरत महसूस हो रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई का कहना है कि “होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगों को हटाने का काम एक संबंधित समझौता ज्ञापन द्वारा विनियमित है, और तेहरान को किसी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं दिखती है”।
हमलों से बैकफुट पर अमेरिका
शांति समझौता लागू होने के बाद भी ईरान के कुछ शहरों पर अमेरिका की बमबारी के जवाब में ईरान ने कतर और बहरीन स्थित अमेरिका के फौजी बेस पर भारी बमबारी कर दी। जिसके बाद लगने लगा था कि मिडिल ईस्ट में दोबारा युद्ध भड़क सकता है। इसको लेकर तमाम अरब देशों ने अमेरिका पर प्रेशर बनाना शुरू कर दिया। अमेरिका ने सोचा नहीं था कि उसकी बमबारी का ईरान इतना जबरदस्त और माकूल जवाब देगा। ईरान के हमलों के बाद अमेरिका ने बैकफुट पर आने में देरी नहीं लगायी और साफ कर दिया कि दोनों ही देश अब भविष्य में एक दूसरे पर हमले नहीं करेंगे।
यूएस के साथ बैठक से भी इंकार
ईरान पर अमेरिका के हमलों और जवाब में बहरीन व कतर पर ईरानी मिसाइलों के कहर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पिछले सप्ताह हुए हमलों के आदान-प्रदान के बाद ईरान ने “एक बैठक का अनुरोध किया था”, लेकिन ईरान ने इसी किसी मिटिंग में शामिल होने की बात कहकर ट्रंप के दावे की हवा निकालकर रख दी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने कहा कि अमेरिकी समझौते और रोके गए ईरानी फंडों को रिलीज करने पर चर्चा करने के लिए ईरानी और कतरी अधिकारी दोहा में मिलेंगे । उन्होंने बताया कि अमेरिकी दूत जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ दोहा में हैं, लेकिन अगले कुछ दिनों में ईरानी अधिकारियों के साथ उनकी कोई बैठक तय नहीं है।


