
पूर्व सीएम अखिलेश यादव का अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये के हेरफेर का आरोप, चंपक राय ने दी सफाई, भाजपा हमलवार
नई दिल्ली। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने अयोध्या स्थित राम मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये के हेरफेर का आरोप लगाया था। जवाब में, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपक राय जो अब इस्तीफा दे चुके हैं, ने तमाम आरोपों को निराधार बताया और स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का नियमित आंतरिक ऑडिट होता है। अखिलेश यादव ने दावा किया था कि मंदिर के चढ़ावे की करोड़ों की रकम गायब पाई गई है, जो भक्तों के लिए अत्यंत शर्मनाक है। अखिलेश ने एसआईटी (SIT) जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि चढ़ावा चोरी करने के लिए सीसीटीवी कैमरे बंद किए गए थे।
चंपक राय और ट्रस्ट का जवाब
चंपत राय ने बयान जारी कर बताया कि मंदिर के दान की गिनती और ऑडिट न्यासी, ट्रस्ट के कार्यकर्ता तथा स्टेट बैंक के कर्मचारी मिलकर करते हैं। ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि समय-समय पर होने वाले ऑडिट में अभी तक कोई भी उल्लेखनीय अनियमितता या घोटाला सामने नहीं आया है।
भाजपा उतरी बचाव में
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने समाजवादी पार्टी (SP) के मुखिया अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे में घोटाले के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा ने अखिलेश यादव के दावों को राजनीति से प्रेरित और “झूठ का पुलिंदा” करार दिया है। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने अखिलेश यादव को “सनातन विरोधी” बताते हुए कहा कि सपा प्रमुख कभी बाबरी मस्जिद के लिए मिलने वाले चंदे पर सवाल नहीं उठाते। वे केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए राम मंदिर को निशाना बना रहे हैं। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि अखिलेश यादव द्वारा फैलाए जा रहे इस मनगढ़ंत प्रचार का जवाब देश और राज्य की जनता देगी और इसका खामियाजा सपा को साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा।


