
फिलिस्तीनी फुटबॉल एसोसिएशन का कहना है कि अक्टूबर 2023 से अब तक 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी खिलाड़ी मारे जा चुके हैं
नई दिल्ली। आंकड़े और दावे बेहद चौंकाने और डराने वाले हैं। साथ ही मानवाधिकार संगठनों समेत पूरी दुनिया खासतौर से इटली और ईरान सरीखे उन देशों को गुस्सा भी बढ़ाने वाले हैं जो इजरायल को उसकी हद से बाहर ना निकलने देने की अपील पूरी दुनिया से कर रहे हैं और विश्व मंच पर इजरायल की कार्रवाई की जमकर मुखाल्फत भी कर रहे हैं। इस मुखाल्फत को करने वाले इसके पीछे ठोस आधार बताते हैं। उनका कहना है कि जो कुछ वो कह रहे हैं उसके आंकड़े मौजूद हैं। और तो और खुद इजरायल भी मान चुका है कि हां उसने ऐसा किया है और आगे भी करता रहेगा। अमेरिका भले ही कुछ भी कहे लेकिन उसकी फौजी कार्रवाइयां रुकने वाली नहीं है।
फिलिस्तीन के गाेलकीपर की हत्या
गाजा में इजरायली सेना की गोलीबारी में फिलिस्तीनी गोलकीपर सलीम अल-अश्कर की मौत हो गई। महज पांच महीने पहले शादी करने वाले सलीम अल-अश्कर अपने पीछे एक गर्भवती पत्नी को छोड़ गए हैं। फिलिस्तीनी फुटबॉल एसोसिएशन का कहना है कि अक्टूबर 2023 से अब तक 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी खिलाड़ी मारे जा चुके हैं।
इजरायल के खिलाफ
इजरायल के खिलाफ मुख्य रूप से ईरान और अरब-इस्लामिक देशों के समूह हैं, जिनमें सीरिया, इराक, लेबनान, यमन, और फिलिस्तीनी संगठन शामिल हैं। इसके अलावा तुर्की, कतर और कुछ यूरोपीय देश भी इजरायल के सैन्य कदमों की कड़ी आलोचना कर चुके हैं। अब कई यूरोपियन देश जिनमें इटली भी शामिल है विश्व मंचों पर इजरायल की कार्रवाइयों का खुलकर जबरदस्त विरोध कर रहे हैं। ईरान तो इजरायल का सबसे बड़ा और मुखर क्षेत्रीय विरोधी है, जो ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ (जैसे हमास और हिजबुल्लाह) का नेतृत्व और समर्थन करता है।
इजरायलियों पर रोक
कई मुस्लिम देशों, जैसे अल्जीरिया, बांग्लादेश, ब्रुनेई, ईरान, इराक, कुवैत, लेबनान, लीबिया, पाकिस्तान, सऊदी अरब, सीरिया और यमन, के साथ इजरायल के राजनयिक संबंध नहीं हैं और वे इजरायली पासपोर्ट धारकों को अपने देश में प्रवेश की अनुमति नहीं देते हैं। इनके अलावा तमाम यूरोपियन देशों जिनमें स्पेन, फ्रांस, ब्रिटेन और इटली आदि शामिल हैं उन्होंने लेबनान व फिलिस्तीन में इजरायल की फौजी कार्रवाइयों को खारिज किया है। उसकी कठोर निंदा की है। इससे इजरायल परेशान भी है, लेकिन फिर भी वह बेगुनाहों को मारने से बाज नहीं आ रहा है।


