
ईरान की राजधानी तेहरान की आबादी कुल दस करोड़, इससे दोगुने लोग दुनिया भर से पहुंचेंगे, पवित्र शहर क़ोम और मशहद में भी अंतिम संस्कार कार्यक्रम
नई दिल्ली। अमेरिका के हमले में मारे गए ईरान के धार्मिक नेता अली खामनेई के अंतिम संस्कार में दुनिया भर से बीस करोड़ से ज्यादा लोगों के जुटने की उम्मीद है। इसके लिए ईरानी सरकार व्यापक इंतजाम कर रही है। यह ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा जनाजा हो सकता है, जिसके लिए तेहरान से लेकर मशहद तक भारी तैयारियां की जा रही हैं। सबसे ज्यादा चिंता सुरक्षा इंतजामों को लेकर है। माना जा रहा है कि इजरायल को यदि अपवाद मान लिया जाए तो दुनिया के सभी देशों खासकर खाड़ी के अरब देशों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए तेहरान पहुंचेंगे। इसके लिए तेहरान के अलावा ईरान के दूसरे शहरों कोम व मशहद में भी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। यह ऐतिहासिक अंतिम संस्कार और जनाजा जुलूस 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई तक चलेगा। उनका पार्थिव शरीर तेहरान, क़ोम से होते हुए 9 जुलाई को उनके गृह नगर मशहद की इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। 28 फरवरी को निधन के बाद से उनका पार्थिव शरीर सुरक्षित रखा गया था, जिसमें देरी का कारण सुरक्षा परिस्थितियां और राजनयिक घटनाक्रम थे।
इजरायल पर बरसा IOC
इस्लामिक सहयोग संगठन ने इजरायल के उस फैसले की कड़ी मजम्मत की है जिसमें मस्जिदों से अजान के लिए लाउडस्पीकर लगाने पर प्रतिबंध की बात कही गयी है। IOC ने कहा है कि वह इसे “एक अमान्य उपाय और भेदभावपूर्ण और नस्लवादी प्रकृति का एक विधायी अपराध मानता है, साथ ही धर्म और पूजा की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के सिद्धांतों द्वारा गारंटीकृत सांस्कृतिक और धार्मिक अधिकारों का घोर उल्लंघन मानता है”। उल्लेखनीय है कि इजरायल की 120 सदस्यीय विधायिका में 50-36 मतों से पारित इस विधेयक में यह अनिवार्य किया गया है कि स्पष्ट पूर्व अनुमति के बिना किसी भी मस्जिद में कोई भी ध्वनि प्रणाली स्थापित या संचालित नहीं की जा सकती है।
ईरान ने फिर यूएस को धमकाया
स्ट्रेट होर्मूज पर नियंत्रण को लेकर ईरान ने एक बार फिर अमेरिका को धमकाने के अंदाज में कहा है कि इस समुंद्री रास्ते पर उसका ही एकाधिकार रहेगा। उसकी मर्जी के बगैर कोई भी जहाज स्ट्रेट होर्मूज से नहीं निकल पाएगा। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर की ओर से चेतावनी भरे लहजे में कहा गया है कि स्ट्रेट होर्मूज को लेकर यूएस ने कोई भी हिमाकत दिखाई तो उसका माकूल उसी के लहजे में जवाब दिया जाएगा। स्ट्रेट होर्मूज में कोई भी अमेरिकी हस्तक्षेप शांति समझौते के खिलाफ जाएगा।


