यदि अरेस्ट किए गए युवाओं को रिहा नहीं किया तो महानिदेशक दिल्ली पुलिस के कार्यालय का करेंगे घेराव
नई दिल्ली। सीजेपी नेताओं सौरभ दाव व रांका ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए गए और गिरफ्तार साथियों को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी (CJP) प्रदर्शन और मुकदमों को लेकर पुलिस व प्रशासन को दी गई चेतावनियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रदर्शनकारियों द्वारा केस वापस लेने और गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग को लेकर प्रशासन को अल्टीमेटम दिए गए हैं। वहीं दूसरी ओर छात्र कार्यकर्ताओं ने सीजेपी नेतृत्व से भी अपील की है कि वे सरकार के केवल मौखिक आश्वासनों पर भरोसा न करें और छात्रों की सुरक्षा व रिहाई सुनिश्चित करने के लिए जंतर-मंतर पर फिर से बड़ी लामबंदी (एकत्रित होने) का सीधा आह्वान करें
कड़े सुरक्षा इंतजाम
सीजेपी की चेतावनी के बाद सुरक्षा जंतर मंतर समेत पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूर्व निर्धारित प्रदर्शनों और चेतावनियों के बाद जंतर-मंतर के आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) को जंतर-मंतर पर तैनात किया गया है तथा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
ये दी गयी चेतावनी
दिल्ली के जंतर-मंतर से हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार युवाओं को तुरंत रिहा कराने के लिए प्रदर्शनकारी युवाओं और छात्र संगठनों ने सरकार व प्रशासन को देशव्यापी आंदोलन फिर से शुरू करने (चक्का जाम/बड़ा आंदोलन) की सख्त चेतावनी दी है।सीजेपी (CJP) और वामपंथी छात्र संगठनों (AISA, JNUSU, SFI) के नेताओं ने साफ कहा है कि यदि गिरफ्तार छात्रों को बिना शर्त तुरंत रिहा नहीं किया गया, तो वे अपने शांत हुए आंदोलन को दोबारा देशव्यापी स्तर पर सक्रिय कर देंगे। युवाओं ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों पर हाल ही में दर्ज की गई सभी एफआईआर (FIR) और कानूनी कार्रवाइयों को प्रशासन तुरंत वापस ले। उनका आरोप है कि सरकार मौखिक आश्वासन देने के बाद भी पिछले दरवाजे से छात्रों पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई कर रही है। युवाओं ने चेतावनी दी है कि आंदोलन से जुड़े जिन सोशल मीडिया अकाउंट्स और पोस्ट्स को प्रतिबंधित या ब्लॉक किया गया है, उन्हें तुरंत बहाल किया जाए, अन्यथा वे इसके खिलाफ भी बड़ा मोर्चा खोलेंगे।


