सरकार ने क्योंकि वादा खिलाफी

Shekhar Sharma
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कॉक्रोच नेताओं ने युवाओं से आपराधिक मामलों (FIR) को वापस लेने और छात्रों को रिहा करने के अपने वादे से मुकरने का आरोप

नई दिल्ली। सरकार पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) या कॉक्रोच आंदोलन के नेताओं ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज आपराधिक मामलों (FIR) को वापस लेने और छात्रों को रिहा करने के अपने वादे से मुकरने का आरोप लगाया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश का हवाला देकर लिखित आश्वासन देने से मना कर दिया है, जिसके चलते यह विवाद और वादाखिलाफी का मुद्दा उठा है। CJP के नेताओं (जैसे सौरव दास और आशुतोष रांका) का कहना है कि आंदोलन समाप्त कराते समय सरकार ने मौखिक रूप से मुकदमे वापस लेने की बात कही थी, लेकिन तय समयसीमा तक कोई लिखित गारंटी नहीं दी गई। आंदोलन वापस लेने के बावजूद दिल्ली और अन्य राज्यों में पुलिस द्वारा छात्रों की लगातार धरपकड़ और नए केस दर्ज किए। सरकार और सरकारी सूत्रों ने अदालत की कार्रवाई का हवाला दिया, जिससे CJP ने असंतोष जताया और फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।

सीजेपी की बैठक

आंदोलन समाप्त होने के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य रणनीतिकार अब 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में अपने आगे के रोडमैप के लिए बैठक करने जा रहे हैं।

कार्रवाई की मांग

इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पुराने हिंसक प्रदर्शनों और पुलिस झड़प के वीडियो को आज (2 अगस्त) का बताकर लाइव चलाया जा रहा था। छात्र संगठनों ने स्थानीय दुकानदारों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह साबित किया कि मैदान पूरी तरह खाली है और प्रदर्शन खत्म हो चुका है। वे इन फर्जी अकाउंट्स के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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