हार पर सिंधिया ने भाजपा को दिखाया आइना

Shekhar Sharma
3 Min Read

उपचुनावों में मिली करारी हार पर चार बार की विधायक रहीं यशोधरा राजे सिंधिया ने कहा कि आत्ममंथन का समय

नई दिल्ली। चार बार की विधायक रही और भाजपा की सीनियर महिला नेता यशोधरा राजे सिंधिया ने उपचुनाव में करारी हार पर भाजपा आला कमान को आइना दिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि यह वक्त आत्म मंथन का है। राजनीतिक विश्लेषक इसको भाजपा आला कमान को अपनी गिरेवान में झांकने की नसीहत देना मान रहे हैं। मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा उपचुनाव और बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की हार हुई है। इसके एक दिन बाद बीजेपी की वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश की चार बार विधायक रहीं यशोधरा राजे सिंधिया ने पार्टी के अंदर आत्म-मंथन करने की बात कही है। यशोधरा राजे सिंधिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक छोटा, लेकिन अहम संदेश पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने लिखा, “आत्म-मंथन का समय है।” हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से कुछ नहीं कहा, लेकिन यह पोस्ट दोनों उपचुनावों में बीजेपी को मिली हार के बाद आया है।

भाजपा ने माना चेतावनी है

हालिया उपचुनावों (बांकीपुर और दतिया) में मिली हार को भाजपा ने एक गंभीर चेतावनी के रूप में लिया है और पार्टी नेतृत्व इसके कारणों की गहराई से समीक्षा कर रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दो टूक स्पष्ट रूप से जनादेश को स्वीकार करते हुए कहा है कि दोनों क्षेत्रों के परिणामों की पूरी गंभीरता से आत्ममंथन (Introspection) किया जाएगा। भाजपा का आकलन है कि विपक्षी दलों (जैसे राजद) के साथ-साथ भाजपा के वोट शेयर में भी सेंधमारी हुई है, जिसकी नए सिरे से रणनीति बनाने की जरूरत है।

उप चुनाव में हार के साइड इफैक्ट

भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने बांकीपुर में पार्टी की हार का एक बड़ा कारण यह रहा कि पारंपरिक भाजपा समर्थक भारी संख्या में मतदान केंद्रों तक नहीं पहुंचे। मध्य प्रदेश की उपचुनाव वाली दतिया सीट पर मिली हार के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने संगठन के भीतर अनुशासनहीनता और भीतरघात (Internal Sabotage) की आशंका जताई है। इसके चलते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आवास पर हुई समीक्षा बैठक के बाद दतिया की जिला कार्यकारिणी, मोर्चा और मंडलों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया गया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि बांकीपुर और दतिया दोनों ही जगहों पर नेतृत्व में प्रत्याशी के चयन में गलती की। कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गयी। , जिसके कारण जमीनी स्तर पर नाराजगी पैदा हुई।

TAGGED:
Share This Article