टोल ठेका चलाने वाले रविन्द्र शर्मा और देवेन्द्र शर्मा के मकान पर पहुंचा अफसरों का अमला, दस्तावेज किए सीज
मेरठ। गंगानगर में जब सुबह टोल ठेका चलाने वालों के यहां ईडी की कार्रवाई जारी रही। ईडी की एक टीम ने बुधवार सुबह मेरठ के गंगानगर की राधा गार्डन में रविंद्र शर्मा और देवेंद्र शर्मा के घर पर छापा मारा। टीम के अधिकारियों ने दोनों भाइयों और उनके परिवार के लोगों से बारी-बारी से पूछताछ की। उनके जमीन और अन्य दस्तावेज व लैपटाॅप की भी जांच की। जांच में कुछ रिकार्ड भी टीम को मिले है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि छापे की कार्रवाई के दौरान बहुत से ऐसे लेनदेन मिले हैं जिनका माकूल जवाब अफसरों को नहीं मिल सका है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह गंगानगर के राधा गार्डन में नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (NHAI) के टोल प्लाजा पर धोखाधड़ी से टोल वसूली से जुड़े दो भाइयों देवेंद्र और रविंद्र शर्मा के घर पर छापेमारी की। आज तड़के तक दस्तावेजों की जांच पड़ताल करती रही।
चौदह स्थानों पर छापे
प्रवर्तन निदेशालय ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और बंगाल में लगभग 14 स्थानों पर छापेमारी की। केंद्रीय एजेंसी ने पुलिस की दो एफआइआर का संज्ञान लेने के बाद प्रिवेंशन आफ मनी लांड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत यह कार्रवाई की है। टीम ने कार्रवाई के दोनों भाइयों के साथ ही परिवार के किसी भी सदस्य को घर से बाहर नहीं जाने दिया।
ये हैं आरोप
आरोप है कि टोल रसीदें बनाने के लिए अनाधिकृत साफ्टवेयर एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही टोल से हुई कमाई को आधिकारिक अकाउंटिंग सिस्टम से बाहर डायवर्ट किया गया। बताया जा रहा है कि फोरेंसिक जांच और नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया के रिकार्ड से ऐसे साफ्टवेयर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।
अब तक इनके यहां छापे
मेरठ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समय-समय पर विभिन्न मामलों में कई हाई-प्रोफाइल छापे मारे हैं, जिसमें टोल वसूली घोटाला, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, मेडिकल कॉलेज फर्जीवाड़ा और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे मामले शामिल हैं। 3 सितंबर को गंगानगर के राधा गार्डन में एनएचएआई (NHAI) टोल प्लाजा घोटाले से जुड़े दो भाईयों—रविंद्र कुमार शर्मा और देवेंद्र कुमार शर्मा के अलावा इससे पहले तीन व चार जून को मवाना और सांधन गांव में, विशेष तौर पर शुभम चौधरी के आवास पर ईडी पहुंची। ऑनलाइन गेमिंग एप्लिकेशन के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन और हवाला के जरिए पैसे विदेश भेजने के मामले में रेड मारी गई। इस दौरान डिजिटल रिकॉर्ड्स और लैपटॉप जब्त किए गए। 27 नवंबर 2025 को एनसीआर मेडिकल कॉलेज (संचालिका शिवानी अग्रवाल, जो पूर्व एमएलसी सरोजनी अग्रवाल की बेटी हैं)। वहां कार्रवाई के दौरान फर्जी एमबीबीएस सीटों, मनी लॉन्ड्रिंग और करोड़ों की घूसखोरी के आरोपों के तहत कॉलेज पर दूसरी बार यह बड़ी छापेमारी की गई, जिसमें कंप्यूटर और हार्ड डिस्क जब्त किए गए। 17 अप्रैल 2925 को टीपी नगर थाना क्षेत्र के रघुकुल विहार निवासी सरकारी ठेकेदार और बिल्डर पंकज मित्तल के यहां ईडी का छापा। बिजली विभाग और सड़क निर्माण के बड़े ठेकों तथा लगभग 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी जांच के तहत यह कार्रवाई की गई थी। 17 सितंबर 2024 को जितेंद्र गुप्ता के ठिकानों परईडी पहुंची। ईडी की कई टीमों ने एक साथ उनके घर, कालीन फैक्ट्री, आइस फैक्ट्री और कोल्ड स्टोर पर ताबड़तोड़ छापे मारकर दस्तावेजों की छानबीन की थी।


