झूठा फंसाया था अजय जैन को

Shekhar Sharma
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लंबी चली सुनवाई के दौरान अदालत में आरोप माने मिथ्या अजय जैन को माना निर्दोष

मेरठ। सदर निवासी अजय जैन को तोपखाना निवासी शैली शर्मा ने झूठे मुकदमे में फंसाया था। लंबी चली सुनवाई के बाद अदालत ने अजय जैन को निर्देश करार दिया है। वहीं दूसरी ओर ऋषभ एकाडेमी के सचिव डा. संजय जैन ने अजय जैन को अदालत द्वारा बरी कर दिए जाने के बाद कहा कि सत्यमेव जयते। उन्होंने कहा कि अजय जैन को अदालत द्वारा बेकसूर बताए जाने के बाद यह साफ हो गया है कि यह एक बड़ी साजिश थी। इस साजिश के पीछे उन लोगों का दिमाग था जो ऋषभ एकाडेमी के खिलाफ निरंतर षड़यंत्र कर रहे हैं और उनके खिलाफ तमाम मुकदमें पहले से दर्ज हैं। ऐसे लोगों को अब सलाखों के पीछे पहंचाने का समय आ गया है।

यह था मामला

अजय जैन को झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश अदालती फैसले के साथ तो बेनकाब हो गयी, लेकिन इस पूरे मामले की साजिश जिन्होंने रची उन्होंने अजय जैन से ज्यादा शैली शर्मा और उनकी मासूम बेटियों का अहित करने का काम किया है। शैली शर्मा की बेटियां ऋषभ एकाडेमी में पढ़ रही थीं। ऋषभ एकाडेमी के स्तर से उनकी जो भी मदद संभव हो सकती थी वो लगातार की जा रही थी। यह मदद फीस को लेकर भी थी। ऋषभ के सचिव बताते हैं कि जो लोग ऋषभ के प्रति साजिश करते रहे हैं उन्होंने वो सब कृत्य किए जो बताने में भी शर्म आती है। अजय जैन को झूठे मुकदमें में फंसाना भी इसमें शामिल है। अच्छी बात यह है कि अजय जैन को निर्दोष करा दिया गया है। उन पर जो आरोप लगाए गए वो झूठे साबित हुए और साजिश करने वाले शरद जैन, बंटी जैन व मृदुल जैन की साजिश धरी की धरी रह गयीं। डा. संजय जैन ने यह भी बताया कि इन तीनों व इनके साथियों के खिलाफ पहले से ही अन्य मामलों में मुदकमे दर्ज हैं। इनकी अरेस्टिंग कभी भी संभव है।

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