
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज व विपक्षी दलों के चंपक राय और उनकी भूमिका को लेकर गंभीर आरोप, किस के इशारे पर बचाया जा रहा है चंपक राय को
नई दिल्ली। अयोध्या जी में श्रीराम मंदिर में चढावे के करोड़ों की लूट का मुख्य सूत्राधार चंपक राय बंसल ही है लेकिन उसको बचाने का पूरा इंतजाम कर लिया है।उसको किस के इशारे पर बचाया जा रहा है और लूट की रकम चंपक राय ने किस को पहुंची तथा किस के इशारे पर मंदिर में लूट की वारदात अंजाम दी जा रही थी। ऐसे तमाम गंभीर आरोप कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं ने लगाए हैं। हालांकि चंपक राय पर जो आरोप लग रहे हैं उससे भाजपा और संघ के लोग असहज नजर आते हैं। कांग्रेस प्रमुख अजय राय और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह जैसे विपक्षी नेताओं का दावा है कि चंपत राय इस मामले के “मुख्य सूत्रधार” हैं और सरकार प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। सबसे गंभीर आरोप तो शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी महाराज ने लगाए हैं।
चंपक का नाम एफआईआर में क्याें नहीं
करोड़ों के चढ़ावे की मंदिर लूट में सबसे बड़ा सवाल विपक्ष यही पूछ रहा है कि एफआईआर में चंपक राय का नाम क्याें नहीं है। जबकि जब से मंदिर का काज शुरू हुआ यानि जमीन खरीदने से लेकर निर्माण तक जितने भी कार्य हुए हैं उन सभी में चंपक राय को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। खासतौर से जमीन खरीद मामलों को लेकर। हालांकि चंपत राय और साथी ट्रस्टी अनिल मिश्रा दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है, जिस पर ट्रस्ट की आगामी 11 जुलाई की बैठक में अंतिम फैसला लिया जाएगा।
कुछ तो है जिसकी पर्दादारी है
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कुछ सूत्रों के अनुसार, यह किसी एक व्यक्ति की चोरी से ज्यादा चंदा संकलन और उसकी गिनती की पूरी प्रणाली में सुरक्षा और पारदर्शिता की भारी कमी (Systemic Lapse) को दर्शाता है। अयोध्या राम मंदिर चंदा (चढ़ावा) चोरी मामले में मुख्य आरोपी और गुनहगारों की पहचान उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का नाम एफआईआर (FIR) में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि जो कुछ हुआ चंपक राय की निगरानी में हुआ। जांच यह होनी चाहिए कि जो लूट की गई है उसका पैसा किसके पास पहुंचाया गया और किस काम में वो पैसे यूज किया गया।


