एमनेस्टी इंटरनेशनल के दिल्ली पुलिस पर सवाल

Shekhar Sharma
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“दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से गंभीर सवाल, दिल्ली पुलिस से संयम बरतने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की अपील

नई दिल्ली। जंतर मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और सुरक्षा बलों की बर्बरता ने पूरी दुनिया में भारत की साख को मिट्टी में मिलाने का काम किया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने प्रदर्शनकारियों पर हुए इस ‘क्रैकडाउन’ की आलोचना करते हुए इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया है। एमनेस्टी इंटरनेशनल इंडिया के चेयर ऑफ बोर्ड आकार पटेल ने “दिल्ली पुलिस की कार्रवाई से गंभीर सवाल उठते हैं कि क्या उनका रवैया अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के तहत क़ानूनी, ज़रूरी और उचित था. हम दिल्ली पुलिस से संयम बरतने और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ ग़ैर-क़ानूनी बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करने की अपील करते हैं।”

पुलिस के रवैये की जांच हो

एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि “अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ग़ैर-क़ानूनी व्यवहार के सभी आरोपों की तुरंत, स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से जांच हो। तमाम ऐसे पूर्व आईपीएस हैं जिन्होंने जो कुछ दिल्ली में युवाओं के साथ हुआ उसकी कठोर आलोचना की है। साथ ही इसके लिए सीनियर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि सीनियर के आदेश पर ही इस प्रकार की बर्बरता नीचे के पुलिस वाले करते हें।

सादी वर्दी में ना लाठी ना गोली

पूर्व आईपीएस ओपी सिंह से ये पूछने पर कि क्या सादी वर्दी में पुलिस को भीड़ को कंट्रोल करने का अधिकार होता है, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस विंग के लोग सादी वर्दी में रहते हैं, क्योंकि उनका काम जानकारी जुटाना होता है। क्या पुलिसकर्मी सादी वर्दी में लाठीचार्ज भी कर सकते हैं, इस पर पूर्व आईपीएस ओपी सिंह ने कहा, “नहीं, ऐसा नहीं है. सादी वर्दी में तैनात लोगों को पुलिसिंग की इजाज़त नहीं होती। वो लाठी नहीं चला सकते, गोली नहीं चला सकते।” राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए प्रदर्शनों के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग और की गई कार्रवाई को लेकर पूर्व आईपीएस अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं। इन पूर्व अधिकारियों ने पुलिस की जांच, विशेषकर अत्यधिक बल प्रयोग को लेकर असंतोष व्यक्त किया है। प्रदर्शनकारियों पर अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी पुलिस से जवाब मांगा है। संसद मार्ग पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला को थप्पड़ मारने वाले अतिरिक्त डीसीपी संदीप लांबा को जंतर-मंतर की ड्यूटी से हटा दिया गया है।

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