
अगले साल होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में युवा बना सकते हैं भाजपा से दूरी
नई दिल्ली। पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली और पटना में जो बर्बरता युवाओं के साथ की गयी है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उससे आने वाले चुनाव में खासतौर से उत्तर प्रदेश विधान सभा के अगले साल प्रस्तावित चुनाव में भाजपा को बड़ा चुनावी नुकसान होने जा रहा है। यदि विपक्ष ने सधी हुई चालें चली तो यूपी से एक बार फिर भाजपाई की विदाई तय हो सकती है। वेस्ट यूपी का एक बड़ा जाट चेहरा और राजनीति की कुंडली को पढ़ने में माहिर माने जाने वाले चौधरी यशपाल सिंह ने कुछ ऐसी ही भविष्यवाणी की है। उनका कहना है कि दिल्ली में युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का भाजपा को आगामी चुनावों में युवा मतदाताओं के बीच नाराजगी और विरोध के रूप में बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस घटना ने प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर विपक्षी दलों को भाजपा के खिलाफ आक्रामक होने का बड़ा राजनीतिक हथियार दे दिया है। कुल मिलाकर, इस लाठीचार्ज की घटना ने सत्ता और युवाओं के बीच की खाई को गहरा किया है। अगर सरकार द्वारा परीक्षा प्रणाली और रोजगार के मोर्चे पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह चुनावों में भाजपा के लिए एक निर्णायक हार का कारण बन सकती है।
विपक्ष आक्रामक
चौधरी यशपाल सिंह बताते हैं कि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लिया है। विपक्षी नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरकर भाजपा सरकार को ‘युवा विरोधी’ करार दिया। इन दलों ने छात्रों पर हुई कार्रवाई को चुनावी मंचों पर एक बड़े मुद्दे के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे भाजपा की छवि को नुकसान पहुंचा है।
भारी प्रेशर में मोदी सरकार
राजनीतिक विश्लेषक चौधरी यशपाल सिंह का यह भी मानना है कि छात्रों के बढ़ते इस देशव्यापी आंदोलन को दबाने के बजाय सरकार बैकफुट पर दिखाई दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पार्टी सांसदों को युवाओं की चिंताओं को सुनने और पेपर लीक जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं (जैसे जेपी नड्डा) को खुद अस्पतालों में जाकर घायल छात्रों से मिलना पड़ा, जो इस बात का संकेत है कि पार्टी इस राजनीतिक क्षति को रोकने के लिए डैमेज कंट्रोल में जुटी है।


