सुप्रीमकोर्ट मोइत्रा पर दीपके सुप्रीम कोर्ट पर फायर

Shekhar Sharma
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सोशल मीडिया पर लोगों ने पूछा जब खुद सुप्रीम कोर्ट र वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाहियां और पेशियां दर्ज कराती है, तो इस मामले में वर्चुअल पेशी की अनुमति देने से इनकार क्यों

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा द्वारा पुलिस जांच में व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट और वर्चुअल पेशी की मांग पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि राजनीति में आकर उन्हें अंडों से डर लगता है, जबकि स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां खाई थीं। इस टिप्पणी पर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके भड़क गए और सवाल किया कि क्या कोर्ट चाहती है कि हर कोई गोलियां खाए। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गयी है। क्रॉक्रोच पार्टी के तमाम समर्थकों ने दीपके की बात का समर्थन करते हुए महुआ मोइत्रा का बचाव किया है। वो खुलकर महुआ मोइत्रा के साथ नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसको लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है।

स्वतंत्रता सेनानियों से तुलना पर सवाल

वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट ने कानूनी और प्रक्रियात्मक आधार पर महुआ मोइत्रा की वर्चुअल पेशी की मांग को खारिज किया, लेकिन अदालत द्वारा स्वतंत्रता सेनानियों से की गई तुलना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। इंटरनेट पर लोग इस फैसले और जजों की टिप्पणी को दो अलग-अलग नजरियों से देख रहे हैं।

अभिजीत दीपके का एतराज

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट की इस टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया और सोशल मीडिया पर लिखा कि क्या अब अदालत यह उम्मीद करती है कि राजनीति या सार्वजनिक जीवन में हर कोई गोलियां खाए। उनका तर्क था कि इस तरह की टिप्पणियां अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक हिंसा या आम जनता व नेताओं पर होने वाले हमलों को सहजता से स्वीकार करने का संदेश देती हैं। कई लोगों ने सवाल उठाया कि जब खुद सुप्रीम कोर्ट और देश की पुलिस तकनीक को बढ़ावा देकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गवाहियां और पेशियां दर्ज कराती है, तो सुरक्षा कारणों का हवाला देने के बावजूद इस मामले में वर्चुअल पेशी की अनुमति देने से इनकार क्यों किया गया। सोशल मीडिया पर कई लोगों और विश्लेषकों का कहना है कि एक आपराधिक मामले में कानूनन सुरक्षा और वर्चुअल पेशी की मांग करने वाली महिला राजनेता की तुलना देश की आजादी के लिए जान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों से करना पूरी तरह अतार्किक है।

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