

इस दुनिया में दोबारा मत आना, यह दुनिया तुम्हारे जैसे लोगों के लिए नहीं
नई दिल्ली। दुनिया की शानदार अदाकार और ताउम्र सच्ची मोहबत के लिए तरसती रही मीना कुमारी की मौत पर उनकी गरीबी दोस्त और दिग्गज अभिनेत्री नरगिस ने कहा था की मीना मौत मुबारक हो। उन्होंने उर्दू पत्रिका ‘शमा’ में लिखे अपने लेख में यह बात कही थी। नरगिस ने अपने लेख की शुरुआत करते हुए लिखा था: “मीना, मौत मुबारक हो। आज तुम्हारी बाजी (बड़ी बहन) तुम्हें मौत की मुबारकबाद देती है और कहती है कि इस दुनिया में दोबारा मत आना, क्योंकि यह दुनिया तुम्हारे जैसे लोगों के लिए नहीं है।”
दर्दनाक जिंदगी से मुक्ति का अहसास
नरगिस ने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि मीना कुमारी ने अपने जीवन में अत्यधिक भावनात्मक पीड़ा, अकेलापन और संघर्ष झेला था। वे मानती थीं कि मीना का असमय निधन (38 वर्ष की आयु में) उनकी उस दर्दनाक ज़िंदगी से हमेशा के लिए मुक्ति था। मीना कुमारी अपने जमाने की सबसे बेहतरीन अदाकारा में से एक थीं। न सुंदरता में कोई कमी और न अभिनय में। जब बच्चे अपना बचपना जीते थे, उस वक्त मीना कुमारी अपने पूरे परिवार का पेट पालती थीं। उन्होंने महज 6 साल की उम्र में इंडस्ट्री में काम करना शुरू किया था और वह अपने जमाने की सबसे हसीन अदाकारा थीं। 1 अगस्त 1933 को जन्मी मीना कुमार एक शानदार फिल्मी कैरियर की मल्लिका थीं, लेकिन उनकी निजी जिंदगी उतनी ही बदतर। जब मीना का करियर ऊंचाइयों पर था, तब उन्हें फिल्म डायरेक्टर कमाल अमरोही (Kamal Amrohi) से इश्क हो गया था।
मौत की दास्तां
भागदौड़ भरी जिंदगी में प्यार की दस्तक ने मीना को एक नई उम्मीद तो दी थी, लेकिन शादी के बाद यही उनकी तकलीफ बन गई थी। कमाल अमरोही के साथ उनका प्यार धीरे-धीरे कम होता गया और दोनों बाद में अलग हो गए। पति से अलग होने के बाद मीना कुमार गम के गहरे दरिया में डूबती चली गयीं। उन्होंने शराब का सहारा ले लिया और उन्हें शराब की लत लग गई। नतीजतन उन्हें लिवर सिरोसिस हो गया। तमाम इलाज के बावजूद 31 मार्च 1972 को मीना कुमारी ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया। जब मीना का निधन हुआ तो कई सितारों ने शोक जताया, लेकिन सिर्फ नरगिस दत्त थीं, जिन्होंने कहा था, ‘मौत मुबारक हो, मीना कुमारी।’


