
काली पलटन मंदिर पर पहुंचना था पूजा अर्चना के लिए, सिवाया टोल प्लाजा पर किया गया था स्वागत सत्कार का इंतजाम, दोनों ही जगह नहीं पहुंचे नितिन नवीन
मेरठ। पुलिस प्रशासन के अफसरों की तमाम तैयारियां धरी की धरी रह गयीं। भाजपा के पूर्व विधायक संगीत सोम, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी और जिला अध्यक्ष हरवीर पाल देखते रहे गए और नितिन नवीन का काफिला निकल गया। सुनने में आया है कि भाजपाध्यक्ष नितिन नवीन को बुल्डोजरी स्वागत कराने से गुरेज है। उन्होंने एक दिन पहले भी इसको लेकर मेरठी भाजपा नेताओ को ताकीद की थी, लेकिन इसके बाद भी सिवाया टोल प्लाजा पर स्वागत के लिए बुल्डोजर खड़े किए गए। वहीं दूसरी ओर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर पूजा अर्चना के लिए नहीं पहुंच सके। बाद में कैंट विधायक अमित अग्रवाल समेत भाजपा के तमाम नेताओं ने जिनमें कैंट विधानसभा क्षेत्र के भाजपाइयों की संख्या काफी ज्यादा थी, काली पलटन बाबा औघड़नाथ मंदिर पहुंचे और वहां बाबा पशुपति नाथ का जलाभिषेक किया और पूजा अर्चना की। ऐसा ही कुछ सिवाया टोल प्लाजा पर भी हुआ। वहां भी दौराला और मोदीपुरम के भाजपा नेताओं ने नितिन नवीन के लिए कार्यक्रम रखा हुआ था। तय हुआ था कि नितिन नवीन वहां कुछ समय के लिए रूकेंगे। इसके लिए बाकायदा मंच तैयार किया गया था, लेकिन यहां टोल के समीप नितिन नवीन का काफिला गुजरता तो सही और पल भर के लिए गाड़ी रूकी भी, लेकिन पार्टी अध्यक्ष ने गाड़ी से पांव बाहर नहीं रखा। प्रत्यक्ष्रदर्शियों के अनुसार उन्होंने एक बार मंच की ओर और फिर वहां जमा किए गए लोगों की भीड़ की ओर देखा। नितिन नवीन की गाड़ी को देखते ही भाजपाई तेजी से उस ओर लपके। लेकिन कुछ ज्यादा होता इससे पहले ही सुरक्षाकर्मियों ने रास्ता बना दिया और उनकी कार हवा से बातें करती हुईं आंखों से ओझल हो गयी। सिवाया टोल प्लाजा पर उनका स्वागत करने के लिए बीजेपी नेता संगीत सोम, जिलाध्यक्ष हरवीर पाल, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी समेत कई नेता खड़े थे। बगल में पुष्पवर्षा करता हुआ बुलडोजर भी था। राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला सिवाया टोल प्लाजा पर अपने सामने जाते हुए भाजपा नेता लाचार होकर देखते रह गए। । टोल प्लाजा को फूलों से सजाया गया था। नेता और कार्यकर्ता सुबह से ढोल-नगाड़े बजा रहे थे। स्वागत के लिए जेसीबी और पोकलेन भी खड़ा किया गया था। इन मशीनों से काफिले पर पुष्पवर्षा की जानी थी। कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि राष्ट्रीय अध्यक्ष टोल प्लाजा पर रुककर उनका अभिवादन स्वीकार करेंगे। इससे पहले कि आयोजक कुछ समझ पाते गाड़ी मेरठ की सीमा से निकलकर जनपद मुजफ्फरनगर की सीमा में दाखिल हो चुकी थी। बताया जाता है कि वहां मौजूद भाजपा के नेताओं ने आनन-फानन में संगठन के स्थानीय नेताओं को फोन मिलाने शुरू कर दिए, पहले तो किसी ने कॉल ही रिसीव नहीं की। यह देखकर भीड़ से घिरे फोन काल करने वालों को समझ नहीं आ रहा था कि जिन्हें यहां जमा किया है उनको अब क्या सफाई दें, क्योंकि इससे पहले दावा किया जा रहा था कि नितिन नवीन से बात हो गयी है, वह कुछ देर के लिए जरूर रुकेंगे। बाद में काफी प्रयास के बाद जिला संगठन के एक नेता ने कॉल रिसीव की और कॉल बैक करने की बात कहकर कॉल को डिस्कनेक्ट कर दिया।
भीड़ नहीं माहौल नहीं
वहीं दूसरी ओर कहा जा रहा है कि नितिन नवीन के ना रूकने की वजह सिवाया टोल के समीप जो कार्यक्रम रखा गया था वहां भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की प्रतिष्ठा के अनुरूप लोग स्वागत के लिए जमा नहीं थे। इसके अलावा जो मंच उनके स्वागत के लिए बनाया गया था उसको भी स्तर हीन बताया जा रहा है। सबसे बड़ी वजह जनपद मुजफ्फरनगर के कई बड़े नेता नितिन नवीन का हाइवे पर स्वागत के लिए इंतजार कर रहे थे। इनमें कपिल देव अग्रवाल व संजीव वालियान सरीखों का नाम गिनाया गया। हालांकि वहीं दूसरी ओर सफाई दी जा रही है कि ब्रेवरा में शहर के गणमान्य नागरिकों से मिलने में काफी समय लग गया था, जिसकी वजह से सहारनपुर निकलने में पहले ही काफी विलंब हो चुका था। हालांकि दावा किया गया कि सिवाया टोल प्लाजा पर नितिन नवीन के स्वागत के लिए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तैयारियां की थीं। टोल प्लाजा पर ढोल-नगाड़ों के साथ कार्यकर्ता जुटे थे। जेसीबी, ट्रैक्टर और पोकलेन से पुष्पवर्षा का इंतजाम स्वागत कार्यक्रम रखने वालों ने किया हुआ था, लेकिन सारी की सारी तैयारी धरी रह गयीं। दूसरी ओर आरोप है कि नितिन नवीन के कद के अनुरूप कार्यक्रम नहीं रखा गया था।
काली पलटन से लाैटी फोर्स
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के काली पलटन मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना का कार्यक्रम एक दिन पहले यानि सोमवार की ही तय हो गया था। इसी के चलते सुरक्षा कारणों के नाम पर पुलिस प्रशासन के अफसरों काफी पुलिस फोर्स काली पलटन की ओर जाने वाले रास्तों पर लगा दी थी। मंदिर के गरुण द्वार पर इंस्पेक्टर व सीओ रेंक के अफसरों की ड्यूटी लगायी गयी थी। मंदिर की प्रबंध समिति के पदाधिकारी भी स्वागत के लिए तैयार थे। यहां पर पुलिस फोर्स को सुबह छह बजे से लगा गया था, लेकिन बाद में खबर आयी कि नितिन नवीन नहीं आ रहे हैं। उनके कार्यक्रम के नाम पर जुटाए गए तमाम तामझाम धरे के धरे रहे गए। वो तो गनिमत यह रही कि कैंट विधायक दर्जनों भाजपाइयों को लेकर काली पलटन पहुंच गए थे।


