प्रदूषण से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले विपरीत प्रभावों को लेकर चेताया ही नहीं सुरक्षा के उपायों की भी दी जानकारी
मेरठ। शहर के लोागें को वायु प्रदषूण से सावधान करने तथा वायु प्रदूषण से बचने के उपाय बताते हुए शहर के डाक्टरों ने एकअच्छी शुरूआत की ताकि शहर के लोगों की प्राणवायु सलामत रहे। इसके लिए आईआईएम सभागार में साझी हवा और सेहत ” मई 2026 मेरठ में बढ़ते मे एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए साझी हवा और सेहत राउंड टेबल कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया।
डा. संदीप जैन की पहल
इस शानदार कार्यक्रम का नेतृत्व या कहे निर्देशन डा. संदीप जैन, अमित नागर तथा प्रोजेक्ट लीडर डा. सुमीत उपाध्याय द्वारा किया गया। इसमें प्रशासन, चिकित्सा जगत, विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मिलकर हवा और स्वास्थ भवष्यि के लिए सामुहिक रोडमैप पर चर्चा कि Meerut F for Clean Air (MFFCA) Lung Care Foundation 3 Doctor Clean Air and Climate Action (DFCA) के संयुक्त प्रयास से आयोज कार्यक्रम केवल एक चर्चा नही, बल्कि मेरठ के भविष्य को लेकर साझा चिंत समाधान का मंच बना।
पर्यावरण से काफी बड़ी समस्या
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कहा क वायु प्रदुषण अब पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि बच्चों की सांसों, बुजुर्गे के स्वास्थ्य युवाओं की छमता और परे शहर क जीवन गुणवत्ता से जुड़ा गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संक सम्मेलन मे डॉ. वी. एन. त्यागी, डॉ. अपार अग्रवाल और डॉ. वीरोत्तम तोमर प्रदूषण और उससे उत्पन्न होने वाले फेफड़ों के रोगों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया की प्रदूषित हवा स्वांस तंत्र को गंम्भीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। अस्थमा, सीओपीडी, फेफड़ों के संक्रमण तथा अन्य सांस संबंधी बीमारियों में भारी वृद्धिं देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने प्रदूषण से होने वाले स्वास्थ्य प्रभावों व जागरूकता बढ़ाने और समय रहते रोकथाम के उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
ये से हैं आता खतरा
उन्होंने बताया कि निमार्ण स्थलों से उड़ने वाली धूल, ट्रैफिक और वाहनों से निकलने वाले धुंए से उत्सर्जन, कचरा प्रबंधन, हरित क्षेत्रे बढ़ाने, सार्वजनक परिवहन को मजबूत और नागरिक सहभागता जैसे मुददों पर व्यवहारिक सुझाव सामने आए। विशेषज्ञों ने प्रदुषण से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समुदायिक सकिय भागदारी की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “अगर हवा जहरीली होगी, तो विकास अधुरा रहेगा। मेरठ के लिए सबसे पहली आवश्यकता है। कार्यक्रम का प्रमुख संदेश रहा की स्वच्छ हवा व केवल नितियां नहीं, बल्कि जनभागदारी, व्यवहार परिवर्तन और निरंतर सामूहिक जरूरी है। सम्मेलन के अंत मे सभी प्रतिभागयों ने मेरठ को आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक स्वच्छ सुरछित और स्वास्थ बनाने हेतु मिलकर कार्य करने का लिया। “साफ हवा का अधीकार हर नागरिक का अधिकार।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में रिषी मित्तल, पवन त्यागी, डा. शिमोना जैन, संजीव कुमार, गोपाल दीक्षित, डा. अभिषेक कुमार, डा. नीलम गौतम, ललित सिरोही, डा. विगमिता त्यागी, चेयरमैन प्रदेश के सीनियर डा. संदीप जैन, डा. मेघराज सिंह, डा. वैभव नागर, प्रतीशकर सिंह, रिषी कुमार शर्मा, नमित मलिक, उपाध्यक्ष डा. अमित नागर व डा. सुमित उपाध्याय प्रोजेक्ट लीडर शामिल रहे।


