रेलवे, सेना, डाक, वन डीडीए डेसु में नौकरी का झांसा, अब तक कई को ठग चुके, अंतर्राज्यीय गिरोह के दो शातिर बदमाश एसटीएफ मेरठ यूनिट ने दबोचे
मेरठ। एसटीएफ मेरठ यूनिट ने नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले अंतर्राज्जीय गिरोह के दो बदमाश दबोचे हैं। विभिन्न सरकारी विभागों में भर्ती कराने का लालच देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी ज्वानिंग लेटर व आई कार्ड बनाकर ठगी करने वालेां को एसटीएफ ने मुरादाबाद से दबोचा है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में असरफ अली पुत्र सलीम अहमद निवासी ग्राम-ढकिया पीरू, थाना डिलारी, जनपद-मुरादाबाद और विवेक पुत्र राधेश्याम निवासी ग्राम- जरगॉव, थाना बिलारी, जनपद-मुरादाबाद। हॉल पता मकान नंबर 81, आवास – विकास कालौनी, चंदौसीजनपद संभल इनके कब्जे से तीन मोबाइल और 1740 रूपये नकद भी बरामद किए गए हैं।
अरसे से की जा रही थी तलाश
एसटीएफ के एएसपी ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस गिरोह के सदस्यों की अरसे से तलाश की जा रही थी। कई यूनिट इसमें लगी थीं। विभिन्न सरकारी विभाग में भर्ती कराने का लालच देकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम लेकर फर्जी ज्वानिंग लेटर व आई कार्ड बनाकर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना एवं उनके सदस्यों की गिरफ्तारी हेतु एसटीएफ की टीमों / इकाइयो को निर्देशित किया गया था, जिसके क्रम में बृजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ फील्ड इकाई, मेरठ के पर्यवेक्षण में उपनिरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित कर अभिसूचना संकलन की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी ।
रेलवे, सेना, डाक, वन डीडीए डेसु में नौकरी का झांसा
अभिसूचना संकलन के माध्यम से ज्ञात हुआ कि असरफ अली पुत्र सलीम अहमद निवासी ग्राम – ढकिया पीरू थाना डिलारी, जनपद मुरादाबाद अपने साथियों के साथ मिलकर जनता के सीधे-साधे लड़को को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर अनुचित लाभ कमाने के उदेश्य से धोखाधड़ी करता है और उन्हें फर्जी, कूटरचित ज्वाइनिंग लेटर देकर उनके फर्जी आई कार्ड बनाकर ठगी करता है, जो अपने साथी के साथ डिलारी, मुरादाबाद मे मौजूद है। इस सूचना पर उपनिरीक्षक संजय कुमार, मुख्य आरक्षीगण सितम सिंह, जोशी कुमार, प्रताप सिंह व जयवर्धन, जो आपराधिक अभिसूचना संकलन हेतु जनपद मुरादाबाद में भ्रमणशील थे, के द्वारा तत्काल प्रतिक्रिया करते हुए स्थानीय पुलिस को अवगत कराते हुए साथ लेकर मुखबिर के बताये गये उपरोक्त स्थान पर पहुँच कर मुखबिर की निशादेही पर उपरोक्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ पर बताया कि यह लोग अपने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सरकारी नौकरी की लालसा रखने वाले युवकों के साथ धोखाधडी कर उन्हें भारतीय रेलवे, भारतीय सेना, भारतीय डाक विभाग, भारतीय वन रक्षक, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली पॉवर कारपोरेशन आदि अन्य सरकारी विभागो में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे 8 से 10 लाख रूपये ऐंठ लेते थे तथा उन्हें अपने गैंग के सदस्यें के साथ मिलकर फर्जी कूटरचित ज्वानिंग लेटर अपने साथी से दिल्ली से युवको के ई-मेल पते पर भिजवा देते थे।
पहले घुमाते फिर होटल में ठहराते
ज्वाइनिंग वाले दिन गैंग के अन्य सदस्य इन युवको को दिल्ली बुलाकर संबंधित विभाग में घुमा फिराकर कर उन्हें आप-पास के होटल में ठहरा देते थे तथा एक-दो दिन के पश्चात उन युवको को फर्जी तरीके से तैयार किये गये आई०डी० कार्ड उपलब्ध कराकर उनकी एक सप्ताह की ट्रेनिंग कराकर पुनः आने को कहकर वापस भेज देते थे। इस प्रकार यह लोग ठगी करते थे। यह काम यह लोग विगत 02 वर्षो से अधिक समय से कर रहे है। अब तक इन लोगों द्वारा लगभग 20-25 युवकों के साथ इस तरह की धोखाधडी कर चुके है।
गिरफ्तार अभियुक्तों के विरूद्ध थाना कोतवाली डिलारी, जनपद मुरादाबाद पर मु0अ0सं0 130/2026 धारा 318(4), 338, 336 (3), 340 (2), 61 (2) बीएनएस पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही है।


