बारिश में ना ठंड़ा कर सकी किसानों का जोश

Shekhar Sharma
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मेरठ विकास प्राधिकरण और संभागीय परिवहन कार्यालय का भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व में घेराव

मेरठ। किसानों की समस्याओं को लेकर जब भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता सड़क पर उतरें तो झमाझम बारिश भी किसानों का जोश को ठंड़ा ना कर सकती। भारी बारिश के बावजूद संगठन के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी के साथ किसान प्राधिकरण और आरटीओ कार्यालय पहुंचे और ज्ञापन दिया। पहला ज्ञापन प्राधिकरा सचिव संजय मीणा को दिया गया। आज की बड़ी बात यह रही कि वीसी खुद चलकर गेट तक पहुंचे। गेट खुलवाकर अनुराग चौधीर से ज्ञापन लिया। इसके बाद यहां से आगे बढ़ रहे किसानों को रास्ते में पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो भाकियू जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी सड़क पर कुर्सी लगाकर बैठ गए। अनुराग चौधरी ने बताया कि आज उनका कार्यक्रम प्राधिकरण पर धरने का था, लेकिन वीसी के आश्वासन के बाद धरना मुलतवी कर दिया गया है।

मिन्नतें करने लगे पुलिस वाले

अनुराग चौधरी जब झमाझम बारिश में सड़क पर ही कुर्सी डालकर बैठ गए और किसान भी ट्रैक्टर-ट्रालियों से कूदकर सड़क पर ही ट्रैक्टर छोड़कर उनको चारों ओर से घेरकर खड़े हो गए तो पुलिस वालों के हाथ पांव फूल गए। सख्ती दिखाने वाले पुलिस वाले एकाएक मिन्नत के अंदाज में आ गए। बारिश में सड़क के बीच बैठकर भीग रहे अनुराग चौधरी व दूसरे किसानों को पुलिस ने बामुश्किल हटाया। करीब लगभग 100 से ज्यादा ट्रैक्टर ट्राली लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकट के जिला अध्यक्ष अनुराग चौधरी के नेतृत्व आज सड़कों पर उतरे। अनुराग ने बताया कि पुराने वाहनों और मकानों से जुड़े दोनों मामले किसान और आम लोगों से जुड़े हैं। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर जवाब मांगा। साथ ही मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन आगे बढ़ाने की चेतावनी दी। यहां से किसानों का काफिला बाद में जब आरटीओ की ओर बढ़ने लगा तब कहीं जाकर पुलिस वालों ने राहत की सांस ली। दूसरी ओर आरटीओ पहुंचने के बाद किसानों ने वहां डेरा डाल दिया। खाने आदि का इंतजाम शुरू कर दिया। अनुराग चौधरी ने कहा- अधिकारियों से सम्मानपूर्वक बातचीत के जरिए समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन की रणनीति भी तैयार की जाएगी।

सेटबैक नियम 1980 के दशक मे बनाया

अनुराग चौधरी ने बताया आवास विकास परिषद का सेटबैक नियम 1980 के दशक मे बनाया गया था आज आधुनिक युग मे हवा पानी के लिए बाजार मे सैकड़ो विकल्प उपलब्ध है आवास विकास परिषद को सुप्रीम कोर्ट मे नियमावली संसोधन कराकर अपना पक्ष रखना चाहिए था इससे हजारो परिवार आज सड़क पर आने से बच सकता था। अनुराग चौधरी ने बताया कि सरकार द्वारा गन्ना किसान का लगातार शोषण किया जा रहा है, सरकार एक ओर यूरिया, खाद, डीजल, आदि तमाम चीजों के दाम आसमान पर पहुँचा रही है और दूसरी ओर गन्ने का दाम महंगाई के अनुपात मे लगातार घटा रही है जिस कारण आज के दौर मे खेती घाटे का सौदा साबित हो रही है। इस दौरान जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी, विनोद, विनेश, हर्ष चहल, मेजर सुरेन्द्र, वीरपाल, देशपाल, मोनू, सनी, बबलू,सुनील, नरेश ,महेंद्र, रामफल शर्मा, सुशील पटेल, ओंकार भदौड़ा आदि मौजूद रहे।

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