
ईरान को उम्मीद अब उसके बंदरगाहों की अमेरिकन नॉकाबंदी हटेगी, यदि ऐसा नहीं हुआ तो करेगा जवाबी कार्रवाई
नई दिल्ली/तेहरान। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि ईरान से स्थायी रूप से लड़ाई खत्म होने को होने जा रही वार्ता में अब कोई बाधा नहीं बची है। इस बीच ईरान ने साफ किया है कि उसको उम्मीद है कि अब ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकन नॉकाबंदी खत्म हो जाएगी, यदि ऐसा नहीं हुआ तो वह जवाबी हमला करने में कोई गुरेज नहीं करेगा। डोनाल्ड ट्रंप ईरान से वार्ता को लेकर खासे उत्साहित हैं। उनका कहना है कि वह स्वयं भी पाकिस्तान जा सकते हैं। वहीं वो पाकिस्तानी जो ईरान में गए थे उन्होंने वहां जो कुछ उन पर बीता उसकी जानकारी दी है। ये अब पाकिस्तान लौट आए हैं।
जेडी वैंस को कोशिशें रंग लायीं
ईरान के साथ लड़ाई खत्म होने को लेकर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की बातचीत को पूरी दुनिया खासतौर से वो देश जो चाहते हैं कि लड़ाई रूकना चाहिए वो अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के प्रयासों को लगातार याद दिलाते हैं। जेडी वेंस इस बातचीत के पहले दौर के वार्ताकार भी रहे हैं। उन्होंने ईरानियों का अच्छे लोग बताया और कहा कि विश्वास के काबिल हैं। लड़ाई खत्म होने का समझोता यदि जमीन पर उतरता है तो इसका श्रेय भले ही ट्रंप लें लेकिन इसके असली हीरो वेंस ही रहेंगे।
ईरान को चाहिए ठोस वादा
हालांकि जहां तक ट्रंप का सवाल है तो पूरी दुनिया में उनकी छवि पलटू नेता की है, शायद इसीलिए ईरान बातचीत के दौरान आसानी से अमेरिकी नेताओं की बातचीत पर यकीन का जोखिम नहीं उठा रहा है। ईरान ने साफ किया है कि वो इस बात का पुख्ता वादा चाहता है कि उसके देश पर हमला नहीं किया जाएगा। इसकी वह बाकायदा गारंटी चाहता है। ईरानी इस बात को नहीं भुलाना चाहते है कि पहले चल रही बातचीत के बावजूद 28 फरवरी को उकसावे की कार्रवाई करते हुए अमेरिका और इजरायल ने उनके देश पर हमला किया। उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता करीब सौ टॉप कमांडर भी मार डालेे। इसलिए बातचीत में ईरान फूंक-फूंक कर आगे बढ़ रहा है जबकि ट्रंप उतावले नजर आते हैं।


