मामले को तूल देकर महिलाओं की नाराजी को देखते हुए अब भाजपा इस मामले से चाहती है पिड़ छुड़ाना
नई दिल्ली। पुणे में एक युवा संवाद कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मनुस्मृति में महिलाओं की स्थिति से जुड़े प्रावधानों को ‘शर्मनाक’ बताया और आरोप लगाया कि महिलाओं को दबाने वाली पितृसत्तात्मक मानसिकता यहीं से आती है। इस बयान पर बीजेपी और संघ समर्थित संगठनों ने तीखा पलटवार करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं पर हमला करार दिया है। छात्रों की गूंज कार्यक्रम में पुणे में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ऐसे क्या कह दिया जिससे हंगामा बरपा है। भाजपा इस मुद्दे को मरने नहीं देना चाहती और राहुल गांधी का कहना है कि जो कुछ मनु स्मृति में लिखा है वो बात उन्होंने कही है। भाजपा बताए कि क्या जो कुछ मनु स्मृति में महिलाओं को लेकर कहा गया है वह उसका समर्थन करती है। राहुल के बयान को लेकर कट्टर हिन्दू भी अब दो धड़ो में बंट गए हैं एक वो जो प्रगतिवादी हैं और दूसरे वो जो रूढ़ियों से बंधे रहना चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा को यह समझ नहीं आ रहा है कि राहुल के हमले के बाद अब जो कुछ लड़कियों को लेकर मनु स्मृति में लिखा है उसका समर्न करे या विरोध।
यह है मामला
राहुल गांधी ने मनुस्मृति की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें महिला विरोधी बातें लिखी हैं। राहुल गांधी ने मनुस्मृति की आलोचना करते हुए कहा था कि इसमें महिला विरोधी बातें लिखी हैं। उन्होंने कहा, “महिलाएं किसी के अधीन नहीं हो सकती हैं।” राहुल गांधी ने कहा, “एक समस्या है और काफ़ी बड़ी समस्या है. जब भी मैं पुरुषों से बात करता हूं, महिलाओं को तीन बॉक्स में रखा जाता है। महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां के रूप में।” “मां, पत्नी और बेटी के रूप में देखे जाने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन सिर्फ़ यही एक आपकी पहचान नहीं हो सकती।” पुणे में शनिवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी ने मनुस्मृति का ज़िक्र किया. इसके बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजपी) ने उनकी आलोचना की है. राहुल ने मनुस्मृति में महिलाओं के बारे में लिखे गए एक उद्धरण को शर्मनाक बताया।
महिलाओं के बारे में मनु स्मृति
“एक लड़की हमेशा अपने पिता के संरक्षण में रहनी चाहिए, शादी के बाद पति उसका संरक्षक होना चाहिए, पति की मौत के बाद उसे अपने बच्चों की दया पर निर्भर रहना चाहिए, किसी भी स्थिति में एक महिला आज़ाद नहीं हो सकती।” राहुल के कार्यक्रम के बाद देश भर की महिलाओं खासतौर से लड़कियों ने मनु स्मृति की बात को तमाम डिवेट में एक सिरे से खारिज करना शुरू कर दिया है।


