युवाओं का संसद कूच पुलिस का लाठीचार्ज

Shekhar Sharma
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कई मैट्रो स्टेशन किए बंद, पुलिस की लाठियों ने किसी को नहीं बख्शा, रास्ते कर दिए बंद

नई दिल्ली। पेपर लीक और पेपर लीक की वजह से बीस युवाओं की आत्महत्या से नाराज केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंन्द्र प्रधान का इस्तीफा मांगने के लिए जंतर मंतर पर जुटे युवाओं पर पुलिस ने लाठियां तोड़ीं। काक्रोच पार्टी के धरने पर आमरण अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम बांगचुग को पुलिस द्वारा जबरन उठा लिए जाने के बाद युवाओं ने संसद कूच का एलान किया था। इसके लिए रविवार देर रात से युवा जंतर मंतर पर पहुंचने शुरू हो गए। तड़के चार बजे तक जंतर मंतर पर युवाओं की भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। केवल युवा ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय ख्याती प्राप्त कई हस्तियां भी जंतर मंतर पर मौजूद थीं। सुबह 8 बजे तक जंतर मंतर पर युवाओं का सैलाब नजर आने लगा। इसके बाद केंद्रीय ऐजेंसियों को समझ में आ गया कि उन्होंने युवाओं के संसद कूुच को हल्के में लिया। अनुमान से कहीं ज्यादा युवा पहुंचे। यहां पहुंचने वालों में देश के अलग-अलग राज्यों से आए लोग शामिल थे। पेपर लीक से दुखी होकर जिन बच्चों ने जान दे दी उनमें से भी कई के परिजन जंतर मंतर पर पहुंचे थे। जब भीड़ अधिक बढ़ने लगी तो पुलिस ने जंतर मंतर जाने वाले रास्तों को रोक दिया। उस ओर जाने वाले मैट्रो स्टेशनों को भी बंद कर दिया। हालांकि इसके बाद भी युवाओं का सौलाब थमने का नाम नहीं ले रहा था। जब किसी भी तरह सैलाब थमन नहीं पा रहा था और युवा जंतर मंतर से संसद कूच पर अमादा हो गए तो पुलिस ने हाथ खोल दिए और जबरदस्त लाठीचार्ज किया। निहत्थों पर पुलिसया जुर्म की गवाही सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और फोटो दे रहे हैं।
परीक्षा प्रणाली में धांधली, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर भारी संख्या में छात्र और युवा एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान कुछ उग्र प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के खिलाफ नारे लगाए। लेकिन इस भारी विरोध प्रदर्शन के बीच संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बीच संसद भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई। भारी भीड़ द्वारा संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश पर दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इस पुलिस कार्रवाई और छात्रों के विरोध को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए हैं।

रास्ते कर दिए बंद

सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, उद्योग भवन, सेवा तीर्थ और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए थे। हालाँकि, कुछ स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रखी गई। सुरक्षा के मद्देनजर जंतर-मंतर और संसद मार्ग की ओर जाने वाले राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, उद्योग भवन, सेवा तीर्थ और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास द्वार कुछ समय के लिए बंद कर दिए गए थे। स्टेशनों के गेट बंद होने के कारण छात्रों सहित आम यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा और कई यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों या बसों का सहारा लेना पड़ा। स्टेशन बंद होने की वजह से यात्रियों को मेट्रो गेट फांदकर बाहर निकलते और भारी भीड़ के कारण धक्का-मुक्की होते हुए देखा गया।

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