रंजीत व दिनेश फरार मृदुल समेत 9 को समन

Shekhar Sharma
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थाना सदर बाजार पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की चार्जशीट, अभियुक्तों की मुश्किलें बढ़नी तय, 120-बी, 420 और 476 सरीखी गंभीर आजीवन कारावास सरीखी धाराओं में मुकदमा, 31 को सुनवाई, मृदुल जैन, अनिल जैन ऊर्फ बंटी, सुनील कुमार जैन, विजय कुमार जैन सन्मति, संजय कुमार जैन, सुशील कुमार जैन व अनिल कुमार जैन को समन

मेरठ। सदर दुर्गाबाड़ी स्थित पंचायती जैन मंदिर में करीब पांच सौ करोड़ के बजाए जा रहे सोना चांदी व नकदी के गवन के मामले में आखिरकार देर से ही सही पुलिस ने अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। अदालत ने चार्जशीट का संज्ञान लेते हुए अभियुक्तों को समन जारी कर दिए हैं। 31 अगस्त सुनवाई की तारीख मुकर्रर की गयी है। जिनके खिलाफ फिलहाल चार्जशीट दाखिल की गयी है उनमें मुख्य अभियुक्तों में शामिल मृदुल जैन पुत्र राजेश जैन निवासी तिलकपार्क, अनिल जैन उर्फ बंटी पुत्र प्रकाश चंद निवासी दुर्गाबाड़ी, सुनील कुमार जैन पुत्र मूलचंद जैन निवासी कलाल खाना सदर, विजय कुमार जैन पुत्र सुरेश चंद जैन निवासी गंज बाजार, संजय जैन पुत्र महावीर प्रसाद जैन निवासी टंकी मोहल्ला सदर, सुशील जैन पुत्र सतीश चंद जैन निवासी पीएल शर्मा रोड तथा अनिल कुमार जैन पुत्र आनंद प्रकाश जैन निवासी गंज बाजार सदर शामिल हैं। इनका चालान बेहद गंभीर मानी जा रही धाराओं में किया गया है। इनमें से केवल अनिल जैन ऐसे हैं जिनके खिलाफ केवल 420 की धारा लगायी गयी है।

कहां है रंजीत व दिनेश जैन

जो चार्जशीट भेजी गयी है उसमें अदालत को बताया गया है कि मुख्य अभियुक्तों में शामिल रंजीत जैन पुत्र बुद्धप्रकाश जैन निवासी रंजीतपुरी सदर और दिनेश जैन पुत्र जगदीश राय जैन निवासी पुलिस स्ट्रीट के खिलाफ विवेचना प्रचलित है। इन्हें फरार बताया जा रहा है। यह चार्जशीट अदालत में 11 अगस्त को दाखिल की गयी थी। माना जा रहा है कि पुलिस रंजीत और दिनेश की अरेस्टिंग की तैयारी में हैं। दोनों को अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया जाएगा। यदि वाकई ऐसा हुआ तो रंजीत जैन व दिनेश जैन का जेल जाना भी फिर तय है।

अभियुक्तों का अपराध

अदालत में दाखिल की गयी चार्जशीट में अभियुक्तों पर सदर दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में कथित अवैध रूप से काविज होने के लिए कुटरचित दस्तावेज तैयार कर फर्जी चुनाव कराए गए। आरोप है कि मंदिर पर काविज होने के बाद वहां की धन संपदा सोना चांदी हीरे जवाहररात जिनकी कीमत करीब पांच सौ करोड़ यानि अयाेध्या के श्रीराम मंदिर के चढ़ावा चोरी से बड़ा अपराध इस जैन मंदिर में किया गया। डिप्टी रजिस्ट्रार की जांच में इनके खेल का खुलासा हो गया। डिप्टी रजिस्ट्रार ने ही जांच के बाद सीओ सदर को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की चिट्ठी लिखी थी। जिसके बाद इस मामले की शुरूआत हुई। पुलिस के स्तर से इसकी लंबी जांच हुई। अंतोगत्वा अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद समन जारी कर दिए गए हैं। रंजीत और दिनेश जैन के खिलाफ विवेचना जारी है। पुलिस ने अदालत को बताया है कि अभियुक्तों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। कुटरचित दस्तावेज तैयार किए जाने की बात स्वीकार की गयी है।

चार्जशीट दायर होने तक ही जमानत थी प्रभावी

इस मामले में अरेस्टिंग से बचने के लिए मृदुल समेत जो हाईकोर्ट से जमानत लेकर आए थे विधि विशेषज्ञों की राय में कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद बाद वह जमानत स्वत: ही निष्प्रभावी हो गयी है। दरअसल जमानत चार्जशीट दाखिल किए जाने तक के लिए प्रभावी मानी जाती है। जिन्होंने जमानत ली थी पुलिस उन्हें जब चाहे उठा सकती है।

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