वैनगार के नाम पर लगाया जा रहा है सरकारी खजाने को चूना, इतनी रकम में तो इनोवा है आसानी से मिल जाती
सीएम योगी के भ्रष्टाचार मुक्त उत्तर प्रदेश के अभियान को पराग डेयरी के अफसर लगा रहे हैं पलीता
मेरठ। कर्मचारियों को भले ही चार माह से सेलरी का इंतजार है, लेकिन साहब प्रभारी प्रशासन वीआईपी ड्यूटी के नाम पर पराग डेयरी पराग डेयरी (गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि., मेरठ) सरकारी खजाने को हर माह 80 से 90 हजार रुपए का चूना लगा रहे हैं। ये आरोप दुग्ध उत्पादक संघ के प्रदीप शर्मा ने लगाए हैं। वो बताते हैं कि वीआईपी ड्यूटी के लिए वैगनार कार का लगाया गया है। 80 से 90 हजार रुपए की रकम हर माह वीआईपी डयूटी में कथित प्रयुक्त की जाने वाली वैगनार कार के लिए भुगतान किए जाने की बात किसी के भी गले नहीं उतर रही है। जानकारों का कहना है कि यदि वाकई वीआईपी डयूटी के लिए कार की जरूरत है तो इससे कम रकम में तो इनोवा जैसी लग्जरी गाड़ी हर माह के लिएआसानी से मिल जाएगी। वैगनार के नाम पर इतनी भारी भरकम रकम हर माह सरकारी खजाने से निकाले जाने को लेकर तमाम सवाल खड़े होना लाजमी है। इस मामले की शिकायत अब सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ, अपर मुख्य सचिव पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, दुग्ध आयुक्त दुग्ध विकास विभाग, जवाहर भवन उत्तर प्रदेश लखनऊ और प्रबंध निदेशक पीसीडीएफ लखनऊ को की गयी ह।
यह है पूरा मामला
इस मामले को लेकर सीएम से लेकर आला अफसरों तक शिकायत करने वाले उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादक संघ के वाले प्रदीप शर्मा द्वारा सीएम योगी को संबोधित शिकायती पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश की विषम परिस्थितियों के बावजूद अपने अथक प्रयासों से उत्तर प्रदेश को भष्टाचार मुक्त एवं अधिकारियों को विलासिता पूर्ण जीवन से मुक्त कर जनता के पैसों को जनता की सेवा में ही व्यय कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर कुछ भ्रष्ट अधिकारी ऐसे भी हैं, जिन्होंने संस्थाओं के अंतिम सांसे गिनने के बावजूद अपने ऐशो-आराम के लिये नियमों की धज्जियां उड़ा कर निर्ममता से सरकारी पैसे के दुरूपयोग को बन्द नहीं किया है। ऐसा ही एक विभाग पराग डेयरी, मेरठ (गंगोल सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लि. है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यहां के प्रभारी प्रशासन पुनित शर्मा द्वारा प्रति दिन संस्था को चूना लगाया जाना जारी है। वह प्रतिदिन पराग डेयरी, मेरठ से सम्बद्ध कार वेगन-आर संख्या – UP 15 DD1009 को वीआईपी कार्य हेतु दिखाकर प्रत्येक माह संस्था द्वारा लगभग 80000–90000 रूपये भुगतान करा रहे हैं। यह भुगतान किसी नीरज तोमर के नाम पर किया जा रहा है। प्रदीप शर्मा ने सीएम योगी को संबोधित पत्र में कहा है कि वेगन-आर जैसी पुरानी कार को वीआईपी कार्य हेतु लगाया जाना उपयुक्त नही लगता है। इसके अलावा वैगनार जैसी गाड़ी के लिए किसी भी विभाग में इतनी बड़ी पेमेंट हर माह नहीं की जाती है। इतनी पेमेंट में तो कोई भी लग्जरी गाड़ी आसानी से मिल जाएगी। इस कृत्य से संस्था को हानि हो रही है, जब कि संस्था में अन्य कार्यों के लिए अन्य कार मौजूद है। प्रदीप शर्मा का आरोप है कि इस कार का कोई अता पता ही नही है क्याकी यह कार कभी डेयरी आती ही नही हैं। फर्जी तरीके से बिल बनाये जा रहे है और भुगतान किया जा रहा है। यहां यह भी संज्ञान में लाना आवश्यक है कि संस्था न तो समय पर कर्मचारियों का वेतन दे पा रही है ओर न ही किसानों के दुग्ध के मूल्य का भुगतान कर पा रही है। संस्था के कर्मचारियों का चार माह का वेतन बकाया है। सीएम योगी से इस मामले की गोपनीय जांच कराए जाने का आग्रह किया है।
वर्जन
मामले की शिकायत करने वाले प्रदीप शर्मा का कहना है कि उन्होंने जो आरोप लगाए हैं उसके सभी साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच करने वाली टीम को वह यह साक्ष्य मुहैय्या भी करा देंगे और सीएम कार्यालय भी ये साक्ष्य भेजे जाएंगे।


