

कैंट विधायक अमित अग्रवाल का विधानसभा क्षेत्र और भाजपा के गढ़ सदर सर्राफा बाजार में काले झंडे लगाए जाने से भाजपाई नाराज
मेरठ। छावनी का सदर इलाका भाजपा का गढ़ माना जाता है इतना ही नहीं यह कैंट विधायक अमित अग्रवाल का विधानसभा क्षेत्र भी है। सूबे के भाजपा की सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। ऐसे में भाजपा का गढ़ माने जाने वाले सदर बाजार इलाके में भले ही कारण कोई भी क्यों ना रहा हो, यदि काले झंड़े लगाए जाते हैं तो सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की नाराजगी लाजमी है। वो भी उस स्थिति में जब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हर प्रकार से मेरठ के व्यापारियों के साथ है। उनकी हर संभव मदद कर रही है। सीएम योगी खुद व्यापारियों की जो भी समस्याएं हैं उनको लेकर गंभीर हैं। मेरठ के तमाम भाजपाई जनप्रतिनिधि व्याारियों समेत तमाम लोगों की जनसमस्याओं को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं। फिर ऐसी क्या वजह है जो सदर में अनिल कुमार बंटी आदि बाजार में काले झंड़े लग रहे हैं। क्या इसको सरकार विरोधी कार्य में शुमार नहीं किया जाना चाहिए। काले झंड़ेसदर बाजार, सदर सराफा बाजार, सदर स्टेशनरी बाजार और सदर चौक बाजार में व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर लगाए गए हैं।
काले झंड़े लगाने वाले कौन है अनिल बंटी
काले झंड़े लगाने में जिन व्यापारी अनिल बंटी का नाम सामने आया है उनके खिलाफ थाना सदर बाजार पुलिस ने दुर्गाबाड़ी स्थित प्राचीन जैन मंदिर में चढ़ावा चोरी और कूटरचित दस्तावेज बनाने का मुकदमा दर्ज किया है। 9 अभियुक्तों में अनिल जैन बंटी का भी नाम शामिल है। इसके अलावा डा. संजय जैन और परिवार को थाने के सामने धमकी देने के मामले में भी उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज है। सूत्रों ने जानकारी दी है कि काले झंड़े लगाए जाने के इस प्रकरण से भाजपा के तमाम बड़े खासे नाराज हैं। वहीं दूसरी ओर संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस मामले का बड़े नेताओं को स्वत: ही संज्ञान लेना चाहिए।
प्रशासन काले झंड़ों को लेकर गंभीर
प्रशासन और पुलिस के अधिकारी बाजारों में खासतौर से सदर बाजार सरीखे इलाके में काले झंड़े लगाए जाने को लेकर गंभीर है। अधिकारियों ने झंडे बेचने पर रोक लगा दी है। शहर के गुलमर्ग और इंदिरा चौक जैसे प्रमुख इलाकों में पुलिस ने झंडा विक्रेताओं को व्यापारियों को काले झंडे बेचने से मना कर दिया है। जब दुकानदारों ने पुलिसिया कार्रवाई का हवाला देकर झंडे देने से इनकार किया, तो संयुक्त व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर नारेबाजी की।


