
ओपीडी में संक्रामक रोगों के मरीजों बड़ी संख्या में पहुंचे, सबसे ज्यादा मरीज खांसी बुखार और चर्म रोगों के हैं पहुंचे
मेरठ। एलएलआरएम मेडिकल के सरदार बल्लभ भाई पटेल अस्पताल और प्यारे लाल शर्मा जिला अस्पताल में आज ओपीडी में रिकार्ड संख्या में मरीज पहुंचे। इनमें ज्यादातर मरीज वो है जो हवा में मौजूद संक्रमण से होने वाले रोगों से पीड़ित हैं। इनमें खांसी, गले की खराश, बुखार, चर्म रोड और कान-कान-गला रोग पीड़ित हैं। जिला अस्पताल की ओपीडी पर मरीजों की संख्या की यदि बात करें तो सुबह आठ बजे से ही पर्चा काउंडर पर लंबी-लंगी कतारें लगनी शुरू हो गयीं। पर्चा काउंटर खुलने से पहले वहां जबरदस्त भीड़ थी। हालांकि सीएमएस के निर्देश पर भी काउंटर काम कर रहे थे, लेकिन पर्चा बनवाने वालों की भारी संख्या के चलते ये इंतजाम ना काफी नजर आए। पर्चा बनाने वालों की भारी संख्या के चलते वहां हालात मारामारी सरीखे हो गए। बामुश्किल लोग पर्चे बनवा पा रहे थे। वहीं दूसरी ओर मेडिकल के सरदार बल्लभ भाई पटेल अस्पताल की ओपीडी की यदि बात करें तो वहां की हालात जिला अस्तपाल से भी खराब थी। मेडिकल प्रशासन के अनुमान के अनुसार करीब पांच हजार लोग ओपीडी के पर्चा काउंटर पर आज सुबह पहुंचे।
दिखाने की मारामारी
पर्चा काउंटर पर ही मारामारी सरीखे हालात नहीं थे, मरीजों को दिखाने को लेकर भी भारी मारामारी मची हुई थी। ओपीडी में यूं पर्याप्त संख्या में आज चिकित्सकों को बैठाया हुआ था। मेडिकल प्रधानाचार्य स्वयं भी राउंड अप थे, लेकिन मरीजों और उनके साथ आने वलो तिमारदारों की यदि बात करें तो ओपीडी पूरी तरह से ओवरक्रॉउउ थी। वहां तिल रखने भर की जगह नहीं थी। दरअसल मेडिकल प्रधानाचार्य ने सख्त निर्देश दिए थे कि सभी मरीजों को पूरी शिद्दत के साथ देखा जाए। कोई भी मरीज बगैर दिखाए ना लौटे। साथ ही सभी को दवाएं आदि दी जाएं। बाजार से कोई दवाई ना लिखें।
पर्याप्त दवा व डाक्टर
मेडिकल प्रधानाचार्य डा. आरसी गुप्ता ने बताया कि मेडिकल के अस्पताल में ना तो दवाओं की कोई कमी है ना ही डाक्टरों व पैरा मेडिकल स्टाफ की कोई कमी है। इन दिनों में बाकि दिनों की अपेक्षा ओपीडी अधिक रहती है। लेकिन कोई भी मरीज ऐसा नहीं होता जिसको लौटा दिया जाए। गंभीर मरीजों को भर्ती भी किया रहा है। उन्होंने बताया कि यदि किसी को कोई असुविधा या शिकायत है तो वह सीधे उनके पास आ सकता है।


