


दिल्ली पीजी बिल्डिंग हादसे के बाद टूटी मेरठी अफसरों की नींद, शारदा रोड के मकान की जानकारी देने के बाद भी नहीं की कार्रवाई
मेरठ। देश में कहीं भी कोई हादसा होता है तो मेरठ के अफसर एकदम नींद से जागते हैं। ताजा मामला दिल्ली की पीजी बिल्डिंग का है। इसके हादसे के बाद अब मेरठ में सिस्टम संभालने वाले अफसर शहर के जर्जर भवनों की पहचान की बात कह रहे हैं, लेकिन ब्रह्मपुरी के शारदा रोड के मकान जो भारी बारिश के चलते अचानक रविवार को गिर गया था, उसके स्वामी का दावा है कि उसने डीएम और नगरायुक्त दोनों को अवगत कराया था, लेकिन अफसर नींद में रहे।
वहीं दूसरी ओर अब दिल्ली में पीजी की बिल्डिंग गिरने के हादसे के बाद मेरठ प्रशासन ने भी जर्जर और खतरनाक भवनों को लेकर तैयारी का दम भरा जा रहा है। अफसर कह रहे हैं कि जिले में ऐसी सभी बिल्डिंगों की पहचान की जाएगी, जिनकी हालत खराब है और जिनसे लोगों की जान-माल को खतरा हो सकता है। इसके लिए डीएम डॉ. वीके सिंह ने नगर आयुक्त और जिले की सभी नगर पालिकाओं व नगर पंचायतों के ईओ को निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि अपने-अपने क्षेत्र और वार्ड में जर्जर भवनों की पहचान की जाए। स्थानीय स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों को ऐसे भवनों की स्थिति देखने के निर्देश दिए गए हैं। खासतौर पर उन बिल्डिंगों को चिह्नित किया जाएगा, जिनकी दीवारें, छत या भवन का कोई दूसरा हिस्सा कमजोर हो चुका है और उसके गिरने का खतरा है।
मालिकों को दिया जाएगा नोटिस
प्रशासन के निर्देश के अनुसार जर्जर या खतरनाक भवन मिलने पर उसके मालिक को नोटिस दिया जाएगा। नोटिस के जरिए मालिक को भवन की खराब स्थिति के बारे में बताया जाएगा और जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा जाएगा। भवन की स्थिति के आधार पर नियमों के अनुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।


