पेपर लीक व सॉल्वर गैंग का गुर्गा दिल्ली के निजामुद्दीन में था छिपा, तीन साल से जारी थी तलाश, एसटीएफ ने साल 2023 में दर्ज करायी थी एफआईआर
मेरठ। एसटीएफ की मेरठ यूनिट के अफसरों ने तीन साल पहले पेपर लीक व सॉल्वर गैंग के जिस गुर्गे के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था, वह मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह दिल्ली के घनी आबादी वाले निजामुद्दीन इलाके में छिपा था। मेरठ पुलिस ने वहां आज एक बड़ी कार्रवाई कर उसको दबोच लिया। इस पर बीस हजार का इनाम का एलान था। सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम नगर की संयुक्त कार्रवाई में आरोपित मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह को दिल्ली के निजामुद्दीन से दबोचा गया। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय के समक्ष पेश किया है। 28 जून 2023 को एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ के निरीक्षक सुनील कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि कुछ लोग संगठित होकर प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों से अवैध धनराशि लेकर पेपर आउट कराने, प्रश्नपत्र हल कराने और सॉल्वर के माध्यम से परीक्षार्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने का काम कर रहे थे। मामले में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
लगातार चल रहा था फरार
बीस हजार का यह इनामी लगातार फरार चल रहा था। बताया जाता है कि विवेचना के दौरान मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह पुत्र ओमपाल सिंह/रामअवतार, निवासी ग्राम खटाना, थाना जारचा, गौतमबुद्धनगर का नाम सामने आया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपित के खिलाफ विभिन्न जनपदों में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। पिता का नाम बदलकर बताने की भी जानकारी मिली है। , आरोपित द्वारा पूर्व में गिरफ्तारी के दौरान अपने पिता का नाम बदलकर बताए जाने की बात भी सामने आई है। उसके खिलाफ देहरादून के थाना रायपुर में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम के तहत दर्ज मुकदमे की जांच सीबीआई उत्तराखंड द्वारा की जा रही है।
कई राज्यों में नेटवर्क
इस गिरोह का कई राज्यों में नेटवर्क का दावा पुलिस ने किया है। उसके खिलाफ गाजियाबाद के मुरादनगर और मोदीनगर, मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन, गौतमबुद्धनगर के बीटा-2, मेरठ के सिविल लाइन और देहरादून के रायपुर थाने में कुल छह मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। इनमें उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, धोखाधड़ी, कूटरचना और उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम से संबंधित धाराएं शामिल हैं।


