बीएनएस की धारा 196 (1) (a) और सूचना प्रौद्योगिक अधिनियम की धारा 66डी के तहत थाना सिविल लाइन के उपनिरीक्षक की तहरीर पर लिखा पढ़ी
मेरठ। अखिल भारतीय सुरक्षा संगठन के अध्यक्ष सचिन सिरोही के खिलाफ थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुकदमा लिखा लिया है। मुकदमा लिखे जाने की जानकारी मिलने पर हिन्दू संगठन के फायरब्रांड नेता सचिन सिराेही ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मीडिया को भेजे संदेश में कहा है कि मुस्लिम समाज को खुश करने के लिए योगी जी की सरकार में मेरठ पुलिस ने मेरे उपर झूठा मुकदमा दर्ज किया है जिसकी शिकायत में मुख्यमंत्री जी से लखनऊ में करूँगा। मेरा कोई भी कार्यक्रम केसरगंज मंडी में हनुमान चालीसा करने का नहीं था। उसके बाद भी अधिकारियों के निर्देश पर सिविल लाईन पुलिस द्वारा मुझे 28 सितंबर को रात 11 बजे से मेरे घर में नजरबंद किया गया। रात को 2 बजे दूबारा पुलिस बल के साथ इंस्पेक्टर सिविल लाईन ने मेरे और मेरे परिवार के साथ अभद्र व्यवहार किया, जिसका विरोध करते हुए मैंने मुख्यमंत्री को तुरंत पुलिस की कार्यशैली से अवगत कराया और संदेश के रूप में वीडियो बनाकर शासन को भेज दी है। 29 सितंबर को श्याम 7 बजे मुझे नजरबंदी से छोड़ा गया। इसी बीच में मुझ पर जब खुद में पुलिस की कस्टडी में था तब भी झूठा आरोप लगाकर मुझपर मुकदमा लिखा गया है।
मुकदमे को बताया झूठा
सचिन सिरोही ने कहा कि लेकिन इस झूठे मुक़दमे से मेरी और सनातन की आवाज को दबाया नहीं जा सकता मेरठ पुलिस मेरा और मेरे परिवार का उत्पीडन कर रही है जिसका जवाब जल्द मुख्यमंत्री और शासन स्तर से दिया जाएगा।
-सचिन सिरोही राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन मेरठ


