मेरठी वकील अब सुप्रीमकोर्ट में लड़ेंगे अपनी लड़ाई, बोले जो बेहद जरूरी है उसको देने में क्या है असुविधा
मेरठ। वेस्ट यूपी को हाईकोर्ट बैंच की दरकार है, लेकिन इसमें हो रही देरी को देखते हुए फिलहाल तय किया गया है ई-फाइलिंग सेंटर के लिए बुलंदी के साथ आवाज उठायी जाएं। मेरठ के वकीलों को इसके लिए पहले ही भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी का साथ मिल गया है। इससे उत्साहित मेरठ के वकील अब सुप्रीमकोर्ट में यह लड़ाई लड़ने की तैयारी में है। डा. वाजपेयी का कहना है कि मेरठ में ई-फाइलिंग पर लगी रोक के खिलाफ मेरठ के अधिवक्ता अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की तैयारी में हैं। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मेरठ जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने ई-फाइलिंग की सुविधा बहाल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का आग्रह किया है। भाजपा के राज्यसभा सदस्य डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मेरठ जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने ई-फाइलिंग की सुविधा बहाल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का आग्रह किया है।
जटिल है ई-फाइलिंग का प्रोसेस
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि ई-फाइलिंग की प्रक्रिया जटिल होने के कारण स्थानीय लोगों को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके बावजूद बार की ओर से इसे शुरू कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है।
मिलते मिलते रह गयी ई-फाइलिंग सहूलियत
मेरठ समेत कई जनपदों को ई फाइलिंग की सुविधा मिलते-मिलते रह गयी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर जनपदों में ई-फाइलिंग की सुविधा शुरू की जानी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद 18 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने इसे लागू करने का आदेश जारी किया था। मेरठ में यह सुविधा 1 नवंबर 2023 से शुरू होनी थी। हालांकि, 28 अक्टूबर 2023 को हाईकोर्ट प्रशासन ने अपने ही आदेश पर रोक लगा दी। इसके बाद ई-फाइलिंग की सुविधा को लेकर स्थिति बदल गई। वर्तमान व्यवस्था के तहत सिर्फ इलाहाबाद या लखनऊ बार में पंजीकृत अधिवक्ता ही ई-फाइलिंग कर सकते हैं। डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने बार अध्यक्ष को लिखे पत्र में ई-फाइलिंग पर लगी रोक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि हाईकोर्ट बेंच मिलने तक ई-फाइलिंग की सुविधा का लाभ लिया जाना चाहिए।बार अध्यक्ष रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पत्र मिलने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर ई-फाइलिंग की सुविधा मिलने से वादकारियों और अधिवक्ताओं को सुविधा होगी।


