प्राधिकरण के जोन B-4 के अभियंता ने जनसुनवाई पोर्टल का मजाक बनाया, रोहटा बाईपास रोड पर रेलवे ब्रिज से पहले चल रहे कमर्शियल चार दुकानों के अवैध निर्माण
मेरठ। सुप्रीमकोर्ट भले ही अवैध निर्माणाें पर सख्त हो, लेकिन मेरठ विकास प्राधिकरण के कुछ अभियंता ना केवल अवैध निर्माणों को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि अवैध निर्माणाें को लेकर शासन के IGRS पोर्टल पर की जाने वाले शिकायतों को फर्जी निस्तारण भी कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला प्राधिकरण के जोन B-4 को लेकर सामने आया है। यह शिकायत मुकुल कुमार ने की थी, जिसकी जांच मेरठ आयी। मुकुल कुमार का आरोप है कि IGRS पर की गयी शिकायत का फर्जी रिपोर्ट लगाकर निस्तारण कर दिया गया है।
मजाक बना है जनसुनवाई पोर्टल
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्राधिकरण के जोन B-4 के अभियंता ने जनसुनवाई पोर्टल का मजाक बनाकर रख दिया है। इस जोन के रोहटा बाईपास रोड पर रेलवे ब्रिज से पहले चल रहे कमर्शियल चार दुकानों के अवैध निर्माण पर किसी तरह की कोई कार्यवाही मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंता जितेंद्र कुमार द्वारा नहीं की जा रही है। यह अवैध निर्माण अब से 6 माह पहले शुरू किया गया था, जिसकी मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंता को शिकायत भी की गई थी, लेकिन अभियंता द्वारा निर्माणकर्ता से सेटिंग कर इस अवैध निर्माण को पूरा करने का जिम्मा उठा लिया। जिसके बाद प्राधिकरण के किसी भी अधिकारी द्वारा कोई भी कार्यवाही इस अवैध निर्माण पर नहीं की गई और सफलता से यह अवैध निर्माण पूरा भी कर दिया गया। लगातार शिकायत के बाद भी प्राधिकरण के अधिकारी कार्यवाही को लेकर मौन रहे।
मामला सीएम तक पहुंचा
इस अवैध निर्माण की शिकायत उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जनसुनवाई पोर्टल आई जी आर एस के माध्यम से शिकायत की गई जिस पर कार्रवाई के आख्या के रूप में अभियंता द्वारा पहले चालानी कार्रवाई दिखाकर दुकानों के निर्माण को नहीं रोका गया फिर शिकायत करता द्वारा संतुष्टि फीडबैक नहीं दिए जाने पर शिकायत पर दोबारा सुझाव के रूप में दुकानों के अवैध निर्माण पर अभियंता द्वारा सील की कार्रवाई का दावा दिखाकर किसी प्रकार की कोई करवाई नहीं की गई। इससे यह प्रतीत होता है कि मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंता द्वारा ही इस अवैध निर्माण को पूरा कराया गया है अन्यथा प्राधिकरण द्वारा कोई ना कोई उचित कार्रवाई या अवैध निर्माण पर रोक प्राधिकरण द्वारा जरूर लगाई जा सकती थी। ऐसे ही ना जाने कितने अवैध निर्माण मेरठ विकास प्राधिकरण के अभियंता जितेंद्र कुमार के आशीर्वाद से किया जा रहे हैं, जिन पर कोई भी कार्यवाही मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा नहीं की गई और ना ही की जाएगी यह एक सरकारी नियमों का उल्लंघन है और इससे उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस भ्रष्टाचार पर किसी प्रकार की कोई रोक मेरठ विकास प्राधिकरण का उच्च अधिकारियों द्वारा नहीं लगाई जा रही।
वीसी की कार्रवाई का इंतजार
अब देखना यह है कि मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा चार दुकानों के अवैध निर्माण पर क्या कार्रवाई के आदेश दिए जाते हैं या फिर यूं ही अभियंता की मिली भगत कर ऐसे ही अवैध निर्माणों को बढ़ावा देने का काम किया जाएगा और उत्तर प्रदेश सरकार के बनाए गए जनसुनवाई पोर्टल पर भी फर्जी निस्तारण दिखाकर अभियंता भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम करेंगे।


