सुप्रीमकोर्ट ने जारी किए हैं आवासीय इलाकों में कामर्शियल भवनों को ध्वस्त किए जाने के आदेश
मेरठ। महानगर के कंकरखेड़ा थाना के रोहटा रोड नारायण गार्डन आवासीय कालोनी में अवैध रूप से बनाये गए बलदेव टेंट के कामर्शियल गोदाम ने यहां की एक बड़ी आबादी के लिए भारी मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। यह अवैध गोदाम लोगों की जिंदगी के लिए खतरा बन गया है। सबसे ज्यादा खतरा तो देश के नौनिहाल माने जाने वाले मासूम बच्चों के लिए बना है, इस गोदाम का स्टाफ जितना भी कूड़ा कचहरा और पालीथिन होता है उसको वहीं गोदाम के बाहर जला देते हैं। प्लास्टिंक जलाए जाने की वजह से पूरे इलाके में वायु प्रदूषण फैलता है। इस वायु प्रदूषण की वजह से जो बीमार है खासकर वो जो दिल और तपेदिक के मरीज हैं उनको भारी खतरा हो जाता है। सबसे ज्यादा बुरा असर कूडा कचरा जलाए जाने की वजह से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
एनजीटी के निर्देश
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने भूमि, सड़कों के किनारे, नालों के पास और लैंडफिल साइट्स पर किसी भी तरह का कूड़ा या कचरा जलाना पूरी तरह अवैध करार दिया है। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में एनजीटी ने कूडा कचरा जलाए जाने पर प्रतिदिन पचास हजार रुपए के जुर्माना और आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश जारी किए हैं। एनजीटी ने सभी राज्य सरकारों, नगर निगमों और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 (Solid Waste Management Rules) का सख्ती से पालन कराने के निर्देश हैं।
प्राधिकरण और नगर निगम का संज्ञान
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के जिन आदेशों का यहां उल्लेख किया जा रहा है कंकरखेड़ा थाना के रोहटा रोड नारायण गार्डन आवासीय कालोनी में अवैध रूप से बनाये गए बलदेव टेंट के कामर्शियल गोदाम को लेकर उसकी शिकायत पहले ही मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और नगर निगम के नगरायुक्त से पहले की जा चुकी है। नारायण गार्डन आवासीय कालोनी के निवासियों का कहना है कि उन्हें इस अवैध गोदाम के ध्वस्त होने का बेसब्री से इंतजार है।


