मुरली मनोहर जोशी के मोदी सरकार पर सवाल

Shekhar Sharma
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भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की युवाओं के प्रदर्शन को लेकर मोदी सरकार को नसीहत

नई दिल्ली। भाजपा के जनसंघ कालीन नेता मुरली मनोहर जोशी ने मोदी सरकार को फटकार लगाने के अंदाज में नसीहत देते हुए आंदोलनकारी युवाओं पर बजाए डंडा चलाने के उनकी बात सुनने की नसीहत दी है। पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने 8 अक्टूबर को कहा कि छात्रों की मांगों को सहानुभूति के साथ सुना जाना चाहिए और बल प्रयोग सही नहीं है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता ने बढ़ते प्रदर्शनों के बारे में पूछे जाने पर कहा, “छात्रों की उचित या जायज मांगों को हमेशा और बहुत सहानुभूति के साथ सुना जाना चाहिए. लाठीचार्ज का तरीका सही नहीं है। इस तरह से कभी समाधान नहीं मिल सकता. अगर कोई समस्या है, तो उनकी बात सुनें. वे हमारे बच्चे हैं।”

पिता संतान को भगाता नहीं

उन्होंने कहा, “जब कोई बच्चा अपने पिता से शिकायत करता है कि आपने मुझे अमुक चीज दिलाने का वादा किया था तो पिता बताते हैं कि वह अपना वादा क्यों पूरा नहीं कर पाए और भरोसा दिलाते हैं कि वह जल्द ऐसा करेंगे… या क्या वह बच्चे को भगा देते हैं? इसी तरह छात्र हमारे बच्चे हैं और उनके साथ भी उसी तरह व्यवहार किया जाना चाहिए।”

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति का हवाला

सीईसी ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर विपक्ष के बवाल पर बीजेपी के दिग्गज नेता मुरली मनोहर जोशी ने खुद के निष्पक्ष होने का दावा करते हुए बहुत ही बड़ी बात कही है। उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन का हवाला देते हुए बताया है कि लोकतंत्र क्या है और उसे कैसे काम करना चाहिए? मुरली मनोहर जोशी ने 21वें भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग महासंघ (फिक्की) उच्च शिक्षा सम्मेलन से इतर पत्रकारों से कहा कि छात्र ‘हमारे बच्चे’ हैं और उनके साथ उसी तरह व्यवहार किया जाना चाहिए।

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