ऋषभ एकेडमी में दो दिनी CBSE वर्कशॉप

Shekhar Sharma
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ऋषभ एकेडमी में दो दिवसीय सीबीएसई क्षमता संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभ

मेरठ। छावनी के वेस्ट एंड रोड मंदिर मार्ग स्थित ऋषभ एकेडमी आज दो दिनी 9 एवं 10 अक्टूबर के लिए सीबीएसई द्वारा लेखाशास्त्र (Accountancy- Senior Secondary) विषय पर दो दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला का शुभारंभ 9 अक्टूबर को माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।

सुधांशु शेखर ने किया शुभारंभ

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर तथा के.एल. इंटरनेशनल स्कूल, मेरठ के प्रधानाचार्य सुधांशु शेखर, ऋषभ एकेडमी प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश चंद जैन, सचिव डॉ. संजय कुमार जैन (सी.ए.), कोषाध्यक्ष श्री योगेंद्र प्रकाश जैन, प्रधानाचार्य श्री एस. त्यागी, उप-प्रधानाचार्य श्री पवन कपूर तथा विषय विशेषज्ञों श्री हरविंदर सिंह एवं श्री मोहित शर्मा द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री सुधांशु शेखर को सम्मान स्वरूप पौधा एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने ‘है माँ शारदे’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
मुख्य अतिथि श्री सुधांशु शेखर ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए एकाग्रता एवं सजगता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान पूर्ण ध्यान केंद्रित करने, मोबाइल फोन के अनावश्यक उपयोग से बचने तथा प्रत्येक गतिविधि में सक्रिय रूप से भाग लेने की प्रेरणा दी। विद्यालय के प्रधानाचार्य एस. त्यागी ने अपने संबोधन में शिक्षकों को ऐसी कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अधिकाधिक सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों के आत्मविश्वास में वृद्धि करने, नवीन शिक्षण विधियों को सीखने तथा व्यावसायिक विकास के नए अवसर प्रदान करने में सहायक होते हैं। कार्यक्रम का कुशल एवं प्रभावशाली संचालन डॉ. फरहा जमाल द्वारा किया गया। उनकी उत्कृष्ट मंच-संचालन शैली ने कार्यक्रम को गरिमामय एवं व्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया।

20 से अधिक विद्यालयों के 30 शिक्षक

इस दो दिवसीय कार्यशाला में 20 से अधिक विद्यालयों के 30 शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यशाला के दौरान लेखाशास्त्र विषय के प्रभावी शिक्षण, नवीन शैक्षणिक दृष्टिकोणों तथा शिक्षण कौशल के विकास पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यशाला का दूसरा दिन 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें शिक्षकों को विषय संबंधी ज्ञान एवं शिक्षण दक्षताओं को और अधिक समृद्ध करने का अवसर प्राप्त होगा। ऋषभ एकडेमी के सचिव डा. संजय जैन ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने तथा शिक्षकों को नवीन शैक्षणिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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