बिल की आड़ में लगाया परिसीमन बदलने की नाकाम साजिश का आरोप
मेरठ। सदन में महिला बिल गिर जाने को कांग्रेसियों ने भाजपा की साजिश बताया है। इसके पीछे उन्होंने समाज के आदिवासियों, पिछड़ों और दूसरे वर्ग जिनका साल २०२६ में संख्या बल अधिक है उन्हें आरक्षण के लाभ से वंचित किए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि महिला बिल के नाम पर भाजपा जिस आग से खेल रही थी, उसमें हाथ जला बैठी है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष रंजन शर्मा और प्रवक्ता हरिकिशन आंबेडकर ने कहा है कि भाजपा की मंशा कभी भी महिलाओं को सत्ता में भागीदारी की रही ही नहीं। ये वो पार्टी है जिसने खुद पूर्व में महिलाओं को आरक्षण दिए जाने का पुरजोर विरोध किया। कांग्रेस ने भाजपा के खेल को उजागर कर दिया है। देश के सामने भाजपा की स्याह हकीकत आ गयी है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव जाट नेता चौधरी यशपाल सिंह व संगठन दके यूथ नेता नेता M. फैज़ महमूद ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार इस बिल की आड़ में परिसीमन (डिलिमिटेशन) बदलकर चुनावी फायदा हासिल करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की एकजुटता ने इस कोशिश को नाकाम कर दिया। सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी ने मजबूती के साथ लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाई है। दोनों नेताओं ने न सिर्फ संसद में जोरदार बहस की, बल्कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को बचाने के लिए विपक्ष को एक मंच पर लाने में अहम भूमिका निभाई।
गिना दिए उन्नाव, मणिपुर व हाथरस
कांग्रेस नेताओं ने उन्नाव, मणिपुर और हाथरस कांड गिनाते हुए भाजपा शासित केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर मुद्दे को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हाथरस, उन्नाव, मणिपुर में महिलाओं पर हुए अत्याचार पर खामोश रहने वाली बीजेपी देश में न$फरत की राजनीति को बढ़ाने का काम कर रही है।उन्होंने कहा कि जनता सब समझ रही है और ऐसे प्रयासों को कभी सफल नहीं होने देगी।


