84 सौ चाहिए काम चला रहे 28 सौ से

Shekhar Sharma
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ज्ञापन लेने आए नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भी कर्मचारियों निगम में फर्श पर ही लिए बैठा, कहां है सेवा योजन पार्टल के आवेदनों की फाइल

मेरठ। महानगर की आबादी के अनुपात में नगर निगम को शहर की सफाई के लिए कम से कम 84 सौ सफाई कर्मचारियों की जरूरत है, लेकिन सफाई के नाम पर केवल 28 सौ कर्मचारियों से गुजरा किए जाने की कवायद है। यह स्थित हाल फिलहाल की नहीं है। पहले से ऐसा चाह रहा है। नगर निगम के अफसर अभी भी ऐसे ही चलाने पर उतारू हैं और जो हालात हैं तो बता रहे हैं कि आगे भी ऐसा ही। सफाई कर्मचारी हालात सुधारने की उम्मीद ना तो नगर निगम के अफसरों से और ना पार्षदों से रखें। जो सफाई कर्मचारी नेता कुछ आवाज उठा भी रहे हैं उनकी आवाज दबा दी जाती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि आवाज उठायी जा रही है। दिनेश सूद ऐसे ही कर्मचारी नेताओं में शुमार हैं। अपने कुछ साथियों को लेकर दिनेश सूद मंगलवार को संविदा कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने के लिए नगर निगम पहुंचे थे।

फर्श पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी

ज्ञापन अपर नगर स्वास्थ्य अधकारी लवि त्रिपाठी को दिया जाना था, लेकिन लवि त्रिपाठी के निर्देश पर नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमर सिंह अवाना ज्ञापन लेने पहुंचे थे। जब वह कर्मचारियों के पास पहुंचे तो कर्मचारी नेता दिनेश सूद व नवीन गेहरा आदि अन्य उनका इंतजार करते-करते वहीं निगम परिसर में फर्श पर बैठ गए थे। सीनियर कर्मचारी नेताओ को यूं फर्श पर बैठे देखकर अमर सिंह अवाना भी फर्श पर ही बैठ गए। बातचीत हुई। ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधि मंडल ने निगम प्रशासन को उनकी मांगें पूरी करने के लिए पांच दिन का समय दिया है। दरअसल नगर स्वास्थ्य अधिकारी का कहना था कि गंगानगर आईआईएमटी में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम है। सभी अफसर वहां लगे हैं। नगरायुक्त आज इस कार्यक्रम से निपट जाएंगे। उसके बाद जो मांगे ज्ञापन में उठायी जा रही हैं उनको लेकर चर्चा कर ली जाएगी।

यह कहा है ज्ञापन में

महापौर व नगर स्वास्थ्य अधिकारी को संबोधित नगर स्वास्थ्य अधिककारी को सौंपे गए ज्ञापन मेें कहा गया है आबादी के अनुसार सफाई कर्मचारियों की भर्ती की जाये । भर्ती पूर्णतया पारदर्शी ढंग से की जाये तथा उक्त भर्ती में प्राथमिकता के आधार पर पर ऐसे परिवारों को चयनित किया जाये जिन परिवारों में कोई भी रोजगार नही है । आउटसोर्सिग सफाई कर्मचारियों के द्वारा वोटिंग के आधार पर निर्वाचित किये गये संविदा आउटसोर्सिग कर्मचारी संघ 321978 के प्रतिनिधियों को भी विश्वास में लिया जाये। 10 लाख का बीमा कराया जाये । आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों को ESI कार्ड का लाभ नही मिल रहा है । इसलिए इएसआई के साथ साथ सभी स्वच्छता मित्रों का आयुषमान कार्ड बनाया जाये । स्वच्छता मित्रों एवं सफाई नायक/सहायक सफाई नायकों से उनके पद के अनुसार कार्य लिया जाये ।
आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों को भी कार्यवाहक सफाई नायक बनाया जाये ।
आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों की मृत्यु उपरान्त उनके आश्रितों की नियुक्ति के लिए बनायी गयी चयन समिति को समाप्त किया जाये ।आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों की मृत्यु उपरान्त उनके आश्रितों की ESI बीमा और EPF का सम्पूर्ण भुगतान एक माह के अन्दर दिलवाया जाये। आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों को आई कार्ड, सुरक्षा उपकरण व औजारों की आपूर्ति समय समय पर करायी जाये । संगठन की मांग पर अधिकारियों द्वारा समस्त स्वच्छता मित्रों को ट्रैक सूट देने की बात की गयी थी परन्तु सर्दी खत्म होने के बाद भी आज तक वर्दी नही दी गयी जल्द से जल्द आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों को वर्दी दी जाये । 100 आउटसोर्स स्वच्छता मित्रों की जगह मेरठ महानगर के मानक के अनुसार वाल्मीकि समाज के उन परिवारो को प्राथमिकता देते हुए जिनके घरों में एक भी या कोई भी रोजगार नही है उसी परिवार के एक सदस्य को रोजगार दिया जाये । अति आवश्यक यह है । उक्त भर्ती के लिए विज्ञापन के माध्यम से जनसूचना प्रकाशित की जाये जिससे जरूरतमन्द लोग आवेदन कर सकें ।

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