शास्त्रीनगर में इस्कॉन पर चलेगा बुल्डोजर

Shekhar Sharma
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योगी के अफसरों ने मंदिर को माना दुुकान चस्पा किया नोटिस, इस्कॉन मंदिर के ऊपर के दो तलों को करना होगा जेसीबी से ध्वस्त, शास्त्रीनगर में इस्कॉन पर चलेगा बुल्डोजर

मेरठ। यदि सब कुछ सीएम योगी के आवास विकास परिषद के अफसरों की मंशा के अनुरूप हुआ तो आवास विकास परिषद के योजना संख्या सात में संपत्ति संख्या १९९/५ में बने इस्कॉन मंदिर पर बुलडोजर चलेगा। दरअसल आवास विकास परिषद के अफसरों ने इस्कॉन मंदिर को धर्म स्थल ना मानकर इसको व्यवसायिक प्रतिष्ठान माना है। इतना ही नहीं उन्होंने मंदिर की दीवारों पर चस्पा किए गए नोटिस में कहा है कि यह आवंटन ग्राउंड फ्लोर के लिए किया गया है, लेकिन इस पर दो ऊपरी तलों पर अवैध रूप से दुकानें बना दी गयी हैं। यहां यह भी बता दें कि इस्कॉन मंदिर की जिन ऊपरी हिस्सों को आवास विकास परिषद के अफसर दुकान बता रहे हैं, वो दुकान नहीं हैं, बल्कि वो दो भवन हैं जो धर्म कार्य में प्रयुक्त किए जाते हैं। इस्कॉन मंदिर में कई बार बाहर से आने वाले भी ठहरते हैं, तब इन भवनों का प्रयोग किया जाता है, लेकिन सीएम योगी के अफसरों को ये भवन दुकानों के तुल्य नजर आ रहे हैं।

इनके नाम है आवंटित

आवास विकास परिषद के योजना संख्या सात में संपत्ति संख्या १९९/५ जिनके नाम आवंटित है उनमें सुषमा रानी पत्नी दिनेश कुमार, प्रियंका पत्नी अमित गुप्ता व शालिनी पत्नी विनीत गुप्ता के नाम आवंटित है। आवास विकास अफसरों ने जब इस्कॉन मंदिर पर नोटिस चस्पा कराए उस वक्त काफी लोग वहां जमा थे। इसलिए यह बात तेजी से पूरे इलाके में फैल गयी। लोगों में अफसरों के खिलाफ जबरदस्त नाराजगी है। उनका कहना है कि आवास विकास परिषद के अफसर इस्कॉन मंदिर पर कार्रवाई के नोटिस चस्पा कर सीएम योगी की सरकार को बदनाम करना चाहते हैं।

मंदिर को बता रहे हैं दुकान

अनेक श्रद्धालु जो इस्कॉन मंदिर आते हैं उनमें रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि यह निर्लजता की पराकाष्ठा है। मंदिर को अफसर दुकान बता रहे हैं। उसके व्यवसायिक प्रयोग की बात कह रहे हैं। ऐसा तो कभी मुगलों के दौर में शायद नहीं हुआ होगा। उन्होंने इस्कॉन मंदिर को कार्रवाई का नोटिस जारी करने वाले अफसरों को निलंबित किए जाने व मंदिर से माफी मंगवाए जाने की भी मांग की है।

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