पीएम मोदी का UAE दौरा उपलब्धियों भर

Shekhar Sharma
3 Min Read

पांच अरब डॉलर के निवेश सहिल एलपीजी आपूर्ति व रक्षा क्षेत्र समेत कई मुद्दों पर बनी सहमति व समझौते

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का यूएई दौरा उपलब्धियों भरा रहा। मिडिल ईस्ट में व्यापक तनाव के दौरान इस दौरे के सफल होने के कई मायने हैं। प्रधानमंत्री ने दो टूक दुनिया को बताया कि भारत यूएई के साथ खड़ा है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक संयुक्त अरब अमीरात, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की पांच देशों की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य ऊर्जा, रक्षा, टेक्नोलॉजी, ग्रीन ट्रांजिशन और व्यापार सहित प्रमुख क्षेत्रों में भारत की रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियों को मजबूत करना है।

एलपीजी नो टेंशन

ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल की जंग शुरू होने के बाद भारत समेत दुनिया के कई देशों में एलपीजी की किल्लत हुई है। उसके दाम बढ़े हैं। लेकिन शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरानभारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में कई समझौते हुए। इनमें महत्वपूर्ण समझौता एलजीपी की आपूर्ति भी शामिल है। समझौते द्विपक्षीय रणनीतिक रक्षा साझेदारी, एलपीजी की आपूर्ति एवं रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और भारत के आरबीएल बैंक, सम्मान कैपिटल और इन्फ्रास्ट्रक्चर में 5 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। इसके अलावा, दोनों देश के बीच गुजरात के वाडिनार में एक शिप रिपेयरिंग क्लस्टर को स्थापित करने के लिए समझौता हुआ है।

यूएई के साथ भारत हमेशा

अबू धाबी में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत हर परिस्थिति में संयुक्त अरब अमीरात के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा। शांति और स्थिरता की बहाली के लिए भारत हर संभव सहयोग देगा।” उन्होंने आगे कहा कि होर्मुज स्ट्रेट का “स्वतंत्र और खुला रहना महत्वपूर्ण है ओर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहह्यान को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थिति में द्विपक्षीय सहयोग का महत्व और भी बढ़ गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जनवरी में यूएई राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान दोनों पक्षों ने संबंधों को गुणात्मक रूप से उन्नत करने पर सहमति जताई थी और कम समय में ही महत्वपूर्ण प्रगति हासिल कर ली है।

प्रधानमंत्री आज सुबह यूएई पहुंचे और उनका औपचारिक स्वागत किया गया। बाद में, उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (जिन्हें लोकप्रिय रूप से एमबीजेड के नाम से जाना जाता है) के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।

Share This Article