PVVNL MD कर रहे जाकर खुद जांच

Shekhar Sharma
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उपभोक्ता आराम की नींद सो रहें इसलिए देर रात तक खुद जाग कर बिजलीघरों पर पहुंचकर चैक कर रहे ट्रांसफार्मर

मेरठ। जानलेवा गर्मी में नॉन स्टाप बिजली आपूर्ति से उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली है। यह सब पीवीवीएनएल एमडी रवीश गुप्ता की बदौलत संभव हो सका है। एमडी रवीश गुप्ता देर रात तक कई बार पूरी रात जाग कर दूरदराज के बिजलीघरों पर पहुंचते हैं। वहां ट्रांसफार्मरों की जांच करते हैं ताकि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की रूकावट ना आए। उनके इस जज्जबे से पूरा महकमा हैरान है।

अचानक पहुंचे बिजलीघर

भीषण गर्मी के बीच विद्युत मांग में लगातार हो रही वृद्धि और उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से रवीश गुप्ता ने देर रात्रि मंगल पांडे नगर एवं रंगोली विद्युत उपकेंद्र का आकस्मिक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रीष्मकालीन पीक आवर्स में पूरी सतर्कता, त्वरित प्रतिक्रिया और प्रोएक्टिव कार्यशैली के साथ कार्य किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि 1912 एवं अन्य माध्यमों से प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता पर सुनिश्चित किया जाए।

कॉल जरूर रिसीव करें

उन्होंने विशेष रूप से निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं के फोन कॉल्स का त्वरित उत्तर दिया जाए तथा सौम्य, संवेदनशील एवं शिष्ट व्यवहार के साथ उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए। स्थानीय फॉल्ट अथवा विद्युत व्यवधान की स्थिति में तत्काल संबंधित व्हाट्सएप ग्रुप पर सूचना साझा की जाए तथा मौके पर चल रहे कार्यों की फोटो एवं प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट की जाए, जिससे मॉनिटरिंग और समन्वय प्रभावी बना रहे। कहा कि कार्यस्थल पर समस्त सुरक्षा उपकरण (Safety Gear) का अनिवार्य उपयोग किया जाए और निर्धारित सुरक्षा मानकों एवं प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा उपकरण जरूर यूज करें। उन्होंने कहा कि ग्रीष्मकाल की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में “त्वरित निर्णय, बेहतर समन्वय और सुरक्षित कार्य संस्कृति” ही निर्बाध विद्युत आपूर्ति की कुंजी है।

पीक आवर्स में लोड जाता बढ़

एमडी रवीश गुप्ता ने बताया कि गर्मियों में बिजली का उपयोग बढने से बिजली की माँग भी बढती जा रही है। रात्रि के समय पीक आवर्स मे लोड बढ जाता है। पश्चिमाचंल विद्युत वितरण निगम लि० के अन्तर्गत विगत मई 2025 को 10125 मेगावाट थी वही इस वर्ष मॉग मे रिकार्ड 875 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल मॉग 11000 मेगावाट हो गई है। भीषण गर्मी से लोड बढने के कारण विद्युत उपकेन्द्रों तथा ट्रांसफार्मरों पर लोड अधिक है इस स्थिति से निपटने के लिए डिस्कॉम द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

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