आयरलैंड के खिलाफ खेली गयी सिरीज में भी मौका नहीं, अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम में शामिल नहीं, फैन्स में जबरदस्त गुस्सा
नई दिल्ली। इंडियन क्रिकेट की नयी सनसनी माने जा रहे वैभव सूर्यवंशी के हिस्से में अभी इंतजार आया है। पहले आयरलैंड सिरीज और अब इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी-20 मैच में इस युवा बल्लेबाज को टीम इंडिया में जगह नहीं मिली है। आयरलैंड के खिलाफ टीम में मौका ना दिए जाने पर वैभव सूर्यवंशी के तमाम फैन्स ने टीम मैनेजमेंट को सोशल मीडिया पर बहुत खरीखोटी सुनाई थी। इतना ही नहीं आयरलैंड के हाथों इंडियन टीम को मिली हार का ठीकरा टीम मैनेजमेंट के सिर फोड़ते हुए यहां तक कहा गया कि यदि वैभव सूर्यवंशी को शामिल किया होता तो निश्चत रूप से मैच जीत जाते। लेकिन एक बार फिर अब इंग्लैंड के खिलाफ टीम में शामिल ना किए जाने पर फैन्स में जबरदस्त नाराजगी है। वहीं दूसरी ओर टीम इंडिया के सुपर स्टार रहे सुनील गावस्कर ने वैभव को इंग्लैंड के खिलाफ खेलने का मौका दिए जाने की पैरवी की थी।
टॉस जीत कर बल्लेबाजी
इस मैच में भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी का फ़ैसला किया। आयरलैंड के ख़िलाफ़ दो टी-20 मैचों की सिरीज़ में 2-0 से मिली हार के बाद इंग्लैंड के ख़िलाफ़ टी-20 सिरीज़ की शुरुआत हो चुकी है। पहला टी-20 मैच चेस्टर ले स्ट्रीट में खेला जा रहा है और दोनों ही टीमों को अपनी पिछली सिरीज़ में हार का सामना करना पड़ा है। इंग्लैंड को जहां न्यूज़ीलैंड ने टेस्ट सिरीज़ में हराया वहीं भारत को आयरलैंड ने टी-20 सिरीज़ में हराया था. इसके अलावा इंग्लैंड को अचानक टेस्ट टीम के कप्तान बेन स्टोक्स के रिटायरमेंट का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड टी-20 सिरीज़ में सबसे ज़्यादा निगाहें जिस शख़्स पर हैं वो 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी हैं. आयरलैंड के साथ पिछले दो टी-20 मैचों में उन्हें टीम में जगह नहीं दी गई थी।
टीम इंडिया
पहले टी-20 मैच में भारतीय टीम शामिल खिलाड़ियों में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा, हर्षित राणा, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, रवि बिश्नोई, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती हैं।
कुछ समय पहले
जब एक पत्रकार ने वैभव सूर्यवंशी के बारे में टीम के कप्तान अय्यर से पूछा कि उनकी इतनी चर्चा हो रही है, जिसे संभालना क्या कप्तान और कोच के लिए काफ़ी मुश्किल होता होगा, तो जवाब में अय्यर का जवाब बेहद अटपटा और असभ्य लगा। उन्होंने कहा कि “मैं तो ऐसा कुछ भी नहीं देख रहा हूं. ना मैं आपकी न्यूज़ फ़ॉलो करता हूं. ना मैं इंस्टाग्राम पर कुछ फ़ॉलो करता हूं और ना ही किसी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर. इसलिए मैंने ऐसा कुछ भी नहीं सुना है।” जब दूसरे पत्रकार ने उनसे पूछा, “जब एक ऐसा लड़का, जो ढेरों रन बनाने के बावजूद बेंच पर बैठा हुआ है, तो बतौर कप्तान या टीम मैनेजमेंट के लिए यह फ़ैसला लेना क्या मुश्किल हो जाता है कि उन्हें कब मौक़ा दिया जाए?”


