नेता नहीं राहत भरी खबर की दरकार

Shekhar Sharma
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14 जुलाई को सुप्रीमकोर्ट में होने वाली सुनवाई का इंतजार, झमाझम बारिश भी नहीं डिगा सकी धरने पर बैठी महिलाओं का हौसल

मेरठ। उन्हेंं नेताओं का नहीं बल्कि उस राहत भरी खबर का इंतजार है जो जिंदगी भर पाई-पाई जोड़कर जमा की गयी रकम से खरीदे गए आशियाने को बचा सके। आवास विकास के अफसरों के खेल ने उनका कारोबार तो पहले ही खत्म कर दिया गया है। अब जद्दोजहद परिवार को बेघर होने से बचाने की है। कोशिश है कि कुछ भी कर आशियाने को बचा लिया जाए। उसके लिए उन्होंने सर्दी गमी और अब बरसात की मार भी झेल ली है, लेकिन उनका हौसल टूटा नहीं है। उन्हें उम्मीद है कि 14 जुलाई को होने वाली सुनवाई में कोई राहत भरी खबर मिले। उनका तर्क है कि सैटबैक के नाम पर जो कुछ आवास विकास के अफसर चाहते थे उससे ज्यादा तोड़फोड़ हो चुकी है।

बहुत आए नेता और अभिनेता

सैंट्रल मार्केट में कांप्लैक्स का ध्वस्तीकरण और उसमें बनीं तेइस दुकानों को ध्वस्त कर दिए जाने और बाद में सैटबैक के नाम पर नोटिस व सीलिंग की कार्रवाई के विरोध में महिलाओं के धरने प्रदर्शनों के बाद नेताओं/अभिनेताओ ंका जाना जाना शुरू हो गया। धरने पर बैठी महिलाओं के बीच मंत्री भी आए और विधायक भी आए। सत्ताधारी भी आए विपक्षी भी आए, बाद में जब नौबत फजीहत की आयी तो सांसद भी पहुंच गए। जब नेताओं की आवाजाही पूरी तरह से थम गयी और सभी ने परेशान हाल इन परिवारों को उनके हाल पर छोड़कर मुंह मोड़ लिया। धरना स्थल सिवाय धरने पर बैठीं महिलाओं व उनके परिवार वालों के अलावा कोई भी नहीं फटक रहा था तो एकाएक कांग्रेस नेता व पूर्व सांसद अवतार सिंह भड़ाना वहां पहुंचे, लेकिन उनके धरना स्थल पर महिलाओं के बीच पहुंचने की निहितार्थ थे। सुनने में आया कि शहर की दक्षिण विधानसभा सीट गठबंधन में कांग्रेस के खाते में आ गयी है। इस सीट से विधानसभा चुनाव की मंशा कांग्रेस के पूर्व सांसद को धरना स्थल तक खींच लायी। यदि यह बात वाकई सच है तो इससे ज्यादा दुखद अपने आशियानों को टूटते देखने वालों के लिए दूसरी कोई और बात नहीं हो सकती। इसीलिए अब वो चाहते हैं कि नेताओं के बजाए अब कोई राहत भरी खबर आए तो बात बने..

जारी है धरना

झमाझम बारिश भी धरने पर बैठीं महिलाओं का हौसला नहीं तोड़ सकीं। टैंट से होकर बारिश का पानी गिरने लगा तो छतरी लगा ली, लेकिन धरना स्थल से हटना मंजूर नहीं था। सेक्टर 2 और सेक्टर 4 में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में धरना जारी रहा। महिलाओं का कहना है कि हम न्याय के लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं और जब तक हमे अपने घर व्यापार बचाने की इस लड़ाई में न्याय नहीं मिलता है हमारा यह प्रदर्शन जारी रहेगा।

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