आसपास के बड़े इलाके के व्यापारी करते हैं टाउन हाॅल पार्किंग के टायलेट को यूज, 6 महीने से बंद पड़े शौचालय को तुरंत किया जाए चालू
मेरठ। शहर घंटाघर टाउन हॉल स्थित नगर निगम का टॉयलेट बीते छह माह से बंद है। वहां ताला झूल रहा है। नगर निगम द्वारा घंटाघर स्थित टाउन हॉल पार्किंग में व्यापारियों, महिलाओं एवं ड्राइवरों की सुविधा के लिए लगभग 6 महीने पहले एक शौचालय और यूरिनल का निर्माण कराया गया था। यह निर्माण मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन, वेली बाजार एवं खैरनगर बाजार के व्यापारियों की मांग पर किया गया था। इसको बने हुए 6 महीने से अधिक समय हो चुका है लेकिन आज तक इस शौचालय को चालू नहीं किया गया है। नगर निगम के सुपरवाइजर सगीर शौचालय की चाबी अपने पास रखे हुए हैं और उनका कहना है कि महापौर द्वारा उद्घाटन किए जाने के बाद ही इसे खोला जाएगा।
करीब पांच सौ लोग हैं आते
घंटाघर टाउन हॉल पार्किंग मेरठ की लाइफ लाइन है। प्रतिदिन 100, 200, 400, 500 किलोमीटर दूर से व्यापारी इसी पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करके कारोबार के लिए आते हैं। वेली बाजार, खैरनगर बाजार, दवा व्यवसाय, लाला का बाजार सहित आसपास के सभी व्यापार इसी पार्किंग से जुड़े हुए हैं। लंबा सफर करके आने वाले व्यापारियों, महिलाओं और ड्राइवरों को सबसे पहली आवश्यकता के लिए कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाहर से आने वाला व्यापारी मेरठ की इसी व्यवस्था को देखकर जाता है। मूलभूत सुविधा उपलब्ध न होने से शहर की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
पहले जाना वाला ही कर देगा उद्घाटन
टॉयलेट पर ताले की वजह से असुविधा का सामना करने वालों का कहना है कि यदि महापौर या किसी अन्य जिससे निगम अफसर उद्घाटन करना चाहते हैं उनके पास यदि समय नहीं है तो कोई बात नहीं उद्घाटन की प्रतीक्षा न करते हुए शौचालय को तुरंत चालू किया जाए। जो शख्स सबसे पहले इसको यूज करेगा वहीं यूज के साथ उद्घाटन भी कर देगा। साथ ही शौचालय की प्रतिदिन साफ-सफाई के लिए स्थाई स्टाफ और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि बाहर से आने वाले व्यापारी, महिलाएं और ड्राइवर सहज महसूस कर सकें। प्राकृतिक आवश्यकता को रोका नहीं जा सकता और इतनी दूर से आने वाले व्यक्ति को सबसे पहले इसी सुविधा की जरूरत होती है। मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के महामंत्री विजय आनंद अग्रवाल ने कहा कि नगर निगम प्रशासन और महापौर महोदय से अनुरोध करते हैं कि इस विषय को प्राथमिकता पर लेते हुए शीघ्र समाधान किया जाए।


