खुफिया इनपुटक के बाद शासन की असामाजिक व शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश
मेरठ। कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम सोशल मीडिया साइट जांच ऐजेसिंयों की निगरानी में होगीं। खुफिया इनपुट के बाद शासन ने असामाजिक व शरारती तत्वों पर कड़ी नजर रखते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं, जिसके बाद पुलिस प्रशासन के आला अफसर हाईअलर्ट पर हैं। हालांकि कावंड़ यात्रा शुरू होने में अभी समय है, लेकिन सिस्टम तैयारियो में जुट गया है। कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले तमाम होटल व ढावों की सूची तैयार करायी जा रही है।साथ ही कांवड़ यात्रा माग मार्ग पर होटल ढावे किस समुदाय के हैं यह भी जानकारी जुटायी जा रही है। बीते सालों के अपेक्षा इस साल कांवड़ यात्रा को लेकर अधिकारी अधिक संवदेनशील नजर आ रहे हैं। इसके अलावा तमाम संगठनों खासकर जिन संगठनों का पूर्व में कांवड़ यात्रा के दौरान हंगामा इतिहास रहा है। ऐसे संगठनों को चलाने वाले व उनसे जुड़े लोगाें की भी कुंडली तैयार की जा रही है। कांवड़ यात्रा यात्रा आमतौर पर सावन (जुलाई-अगस्त) महीने के दौरान होती है। वेस्ट यूपी समेत उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन विशेष दिशा-निर्देश लागू करता है
शासन ने तय किए हैं मानक
यूपी समेत खासतौर से वेस्ट यूपी और उत्तराखंड के अलावा दिल्ली समेत जिन राज्यों से होकर कांवड़ यात्रा के गुजरती है, वहां के अफसरों की मिटिंग में जो कांवड़ को लेकर जाे मानक तय किए गए हैं, उसके इतर यदि कोई कांवड़ या डीजे लाता है तो उसको अनुमति नहीं दी जाएगी वापस लौटा दिया जाएगा। मौके पर ही उसकी हाईट कम करायी जाएगी तब कहीं जाकर कांवड़ को आगे जाने की अनुमति दी जाएगी।
हरिद्वार में ही होगी सारी पड़ताल
तमाम राज्यों के अफसरों ने तय किया है कि हरिद्वार जहां से शिव भक्त कांवड़ियां कांवड़ उठाते हैं, वहीं पर तमाम कांवड़ों की पड़ताल की जाएगी। मानकों के इतर किसी भी कांवड़ को हरिद्वार से नहीं निकलने दिया जाएगा। वहीं पर मानकों के विपरीत कांवड़ ठीक कराने के बाद ही आगे जाने की अनुमति दी जाएगी। डाक कांवड़ और डीजे वाहनों की अधिकतम ऊंचाई 10 से 12 फीट तय की गई है, और ध्वनि की सीमा 75 डेसिबल निर्धारित है। इसका पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं दूसरी ओर शासन के निर्देश हैं कि कांवड़ मार्ग पर शिविरों व ढाबों पर स्वच्छता सुनिश्चित कराने, ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का व्यापक उपयोग करने, तेज आवाज में डीजे और बड़ी कांवड़ नियमानुसार ले जाने निर्देश दिए। साथ ही शासन ने रूट डायवर्जन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पिछली बार जो खामियां थीं, वह इस बार न हों और लोग जाम में न फंसें। इसको लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग की टीम को खंभों पर पन्नी चढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि कोई हादसा न हो।


