अवमानना के नोटिसों के बाद अब हाउस अरेस्ट

Shekhar Sharma
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कम होती नहीं दीख रही हैं शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में सेटबैक के आवास विकास के नोटिसों का विरोध करने वालों की मुसीबतें

मेरठ। पहले काराेबार छीन लिया और फिर आशियाना छीन लेने पर उतारू। सुप्रीमकोर्ट का अंतिम आदेश आने के बाद अफसरों ने पुलिस के हाथों अवमानना के नोटिस भिजवा दिए और आज इनमें से जिनसे प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचने का खतरा था उनको हाउस अरेस्ट कर लिया गया। जिनको हाउस अरेस्ट किया गया उनमें महिला आंदोलनकारी भी शामिल हैं। सोमवार तड़के पौ फटने से पहले धरने में सक्रिय भूमिका निभा रही राधा गुप्ता, शीतल पंजानी, अर्पित मोगा, जीतू नागपाल, शैंकी वर्मा, सुदीप जैन समेत दर्जनों लोगों को उनके घरों में ही रोक दिया। तिरंगा चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष मनोज गर्ग को भी हाउस अरेस्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने वीआईपी दौरे के दौरान किसी भी तरह के प्रदर्शन या विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है। इसके चलते धरना स्थल पर पहुंचने की तैयारी कर रहे लोगों को भी पुलिस ने रास्ते में रोक दिया। जिनको हाउस अरेस्ट किया उन्होंने प्रतिरोध भी किया, लेकिन खाकी के आगे उनके सारे दमखम धरे के धरे रह गए।

मारते हैं और रोने नहीं देते

जिनको हाउस अरेस्ट किया गया उनका कहना था कि सरकार मारती है और रोने नहीं देती। यह तो अन्याय की पराकाष्ठा है। धरनारत लोगों का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने के लोकतांत्रिक अधिकार का हनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन समाधान निकालने के बजाय प्रशासन दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। तमाम लाेगों के घरों पर जिनसे डर था कि ये लोग मुख्य सचिव से मिलने पहुंच सकते हैँ, भारी पुलिस फोर्स लगा दी गयी।

इलाका सीज

जहां पर धरना चल रहा है और जहां लोग प्रतिदिन जमा होते हैं वो पूरा इलाका भी सीज कर दिया गया। डीजीपी के दौरे के दौरे से पहले शास्त्रीनगर में जगह जगह फोर्स लगा दी है। कैलाश डेयरी, सेंट्रल मार्केट, धरना स्थलन समेत कुछ अन्य जगहों पर सुबह से ही फोर्स पहुंच गई है। बताया गया कि कहीं व्यापारी डीजीपी और मुख्य सचिव के सामने प्रदर्शन न करें इसलिए ऐसा किया गया है।

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